Tomar Brothers Case: फरार सूदखोर तोमर बंधुओं को बड़ा झटका, अग्रिम जमानत खारिज – संपत्ति कुर्की की तैयारी

Tomar Brothers Case

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रायपुर। Tomar Brothers Case: राजधानी रायपुर के कुख्यात सूदखोर वीरेंद्र और रोहित तोमर को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। दोनों भाई सूदखोरी, एक्सटॉर्शन, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में आरोपी हैं और पिछले दो महीने से फरार चल रहे हैं।

गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार

तोमर बंधुओं की गिरफ्तारी के लिए रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने दोनों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही है, लेकिन अब तक उन्हें पकड़ने में सफलता नहीं मिली है। फरारी के चलते पुलिस ने कोर्ट में उनकी संपत्ति कुर्क करने की अर्जी लगाई थी, जिस पर कोर्ट ने सहमति दे दी है।

चार संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई

कोर्ट ने वीरेंद्र और रोहित तोमर की चार संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया है। आदेश कलेक्टर को भेजा गया है और तहसीलदार को कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है। तहसीलदार प्रवीण परमार ने बताया कि जिन संपत्तियों को कुर्क किया जाना है, उनमें भाठागांव स्थित साईं विला मकान और जमीन शामिल हैं। इसके अलावा राजधानी के आसपास उनकी तीन अन्य जमीनें भी जब्त की जाएंगी।

बचाव पक्ष की आपत्ति

तोमर बंधुओं के वकील ने कुर्की आदेश पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उन्होंने 18 अगस्त को आवेदन दायर किया था, जिसकी सुनवाई 20 अगस्त को तय थी। ऐसे में बिना पक्ष को सुने कुर्की आदेश जारी करना उचित नहीं है। इस पर गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई होगी और यह तय होगा कि कुर्की की प्रक्रिया कब शुरू की जाएगी।

पुलिस की सख्ती, कार्रवाई तेज

लगातार फरारी और कई मामलों में शामिल होने के कारण पुलिस अब और सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। कोर्ट के आदेश के बाद अगर कुर्की की कार्रवाई शुरू होती है, तो तोमर बंधुओं के खिलाफ दबाव और बढ़ जाएगा।

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