‘वोट चाहिए पर अधिकार नहीं…!’ विश्व आदिवासी दिवस पर बरसे उमंग सिंघार, पारंपरिक नृत्य कर जीता दिल
भोपाल। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल की सड़कों पर आदिवासी स्वाभिमान, संस्कृति और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों की गूंज देखने को मिली। मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद समेत विभिन्न आदिवासी संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में माता मंदिर से दशहरा मैदान तक एक विशाल आदिवासी यात्रा निकाली गई।
इस भव्य यात्रा में मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विशेष रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान झमाझम बारिश के बीच नेता प्रतिपक्ष का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला, जब वे पारंपरिक आदिवासी संगीत की धुन पर अन्य प्रतिभागियों के साथ जमकर थिरके और आदिवासी नृत्य किया।
“आदिवासियों का वोट तो चाहिए, लेकिन अधिकार नहीं”- उमंग सिंघार
मीडिया से चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आदिवासी प्रकृति की पूजा करता है और जल, जंगल, जमीन से आत्मीय प्रेम करता है। यही हमारी मूल संस्कृति है और इसे सहेजने व आगे बढ़ाने के लिए इस यात्रा का आयोजन किया गया है। लेकिन दुख की बात है कि सरकार आदिवासियों का वोट तो लेना चाहती है, पर उनके अधिकारों की रक्षा नहीं करना चाहती।
सार्वजनिक अवकाश की मांग की अनदेखी का आरोप
उमंग सिंघार ने आगे बताया कि उन्होंने हाल ही में सरकार से मुलाकात कर ‘विश्व आदिवासी दिवस’ पर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने और सरकारी स्तर पर भव्य आयोजनों की अपील की थी। हालांकि सरकार ने आदिवासियों की इस जायज मांग को अनसुना कर दिया। इसके बावजूद प्रदेश भर के आदिवासी संगठनों और समाज ने एकजुट होकर अपनी संस्कृति और अधिकारों के लिए यह सड़क पर उतरकर संदेश दिया है।
