भोपाल से रीवा समेत 4 नई उड़ानों का आगाज! CM मोहन और केंद्रीय मंत्री नायडू ने दी सौगात; अगले दो महीने में शारजाह के लिए शुरू होगी इंटरनेशनल फ्लाइट
भोपाल। मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में रविवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने भोपाल के राजा भोज विमानतल से राज्य की चार नई सीधी हवाई सेवाओं का भव्य शुभारंभ किया। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने भोपाल से रीवा की पहली अलायंस एयर फ्लाइट के यात्रियों को बोर्डिंग पास वितरित किए। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल इसी उद्घाटन फ्लाइट में सवार होकर रीवा के लिए रवाना हुए।
इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपालवासियों को बड़ी खुशखबरी देते हुए घोषणा की कि अगले दो महीनों के भीतर भोपाल से शारजाह के लिए सीधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नायडू ने मध्य प्रदेश में सिंगरौली समेत 5 नए एयरपोर्ट्स के निर्माण की मंजूरी भी दे दी है।
इन 4 नए रूट्स पर शुरू हुई सीधी उड़ानें
अलायंस एयर द्वारा संचालित ये सभी चार नई हवाई सेवाएं मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत वित्त पोषित हैं:
- भोपाल – रीवा (सप्ताह में 4 दिन: मंगलवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार)
- भोपाल – पटना (सप्ताह में 3 दिन: सोमवार, बुधवार और रविवार)
- रीवा – कोलकाता (सप्ताह में 3 दिन: मंगलवार, गुरुवार और शनिवार)
- जबलपुर – कोलकाता (सप्ताह में 3 दिन: मंगलवार, गुरुवार और शनिवार)
घंटों का सफर अब मिनटों में: समय और किराए में भारी राहत
समय की बचत: भोपाल से रीवा की ट्रेन यात्रा में जहां 10 घंटे लगते थे, अब महज 1.5 घंटे में दूरी तय होगी। वहीं भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के बीच करीब 20 से 22 घंटे का रेल सफर अब सिर्फ 2 से 2.5 घंटे में सिमट जाएगा।
किफायती किराया: पहले कनेक्टिंग फ्लाइट्स के कारण इन रूट्स का किराया 8 से 10 हजार रुपये तक पड़ता था, जो अब घटकर काफी कम हो गया है:
- भोपाल – रीवा: 2,700 से 3,500
- रीवा – कोलकाता: 3,200 (कैपिंग 5,300)
- भोपाल – पटना: 4,500
- जबलपुर – कोलकाता: 4,500
केंद्रीय मंत्री का विजन: उड़ान योजना पर खर्च होंगे 29 हजार करोड़
कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि ‘उड़ान’ योजना को अगले 10 वर्षों के लिए विस्तारित किया गया है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने 29,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश का विजन हर 150 KM पर एक एयरपोर्ट, हर 75 KM पर एक हवाई पट्टी और हर 45 KM पर एक हेलिपोर्ट विकसित करना है, जिसमें केंद्र सरकार पूरा सहयोग करेगी।
