मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के जिक्र पर मसूद का पीएम को पत्र! रामेश्वर शर्मा का तंज- “अशफाक-कलाम को पूजते हैं, गद्दारी नहीं चलेगी”

भोपाल। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में नया भूचाल आ गया है। भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर उनके भाषण पर गहरा एतराज जताया है। मसूद का आरोप है कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान की अनदेखी की है। वही दूसरी ओर, इस खत के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने मसूद पर पलटवार करते हुए कहा कि “कांग्रेस मुसलमानों का ताबीज टांगते-टांगते बूढ़ी हो गई है।”

मसूद का खत: ‘किसी एक वर्ग की नहीं, सबकी देन है आजादी’

प्रधानमंत्री को भेजे अपने पत्र में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने ऐतिहासिक दस्तावेजों और इतिहासकारों का संदर्भ देते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। मसूद ने लिखा कि भारत की आजादी किसी एक वर्ग या धर्म की देन नहीं है, बल्कि यह सभी देशवासियों के सामूहिक संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। पत्र में 1857 की पहली क्रांति, फकीर-संन्यासी आंदोलन और दिलावरजंग अहमदुल्ला शाह मदरासी जैसे महान मुस्लिम क्रांतकारियों के योगदान का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है।

मसूद ने पत्र में पीएम मोदी से मांग की है कि स्वतंत्रता संग्राम में मुस्लिम नायकों के योगदान को भी सरकारी मंचों और इतिहास में उचित स्थान दिया जाना चाहिए। वे भोपाल में ऐसे मौलानाओं की याद में एक बड़ा कार्यक्रम भी करेंगे। राहुल और सोनिया गांधी के वंदे मातरम वाले वीडियो पर मसूद ने साफ कहा कि “वंदे मातरम से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, हमें भी इससे कोई आपत्ति नहीं है।”

विधायक रामेश्वर शर्मा का तीखा पलटवार: “गद्दारों का होगा इलाज”

आरिफ मसूद के इस पत्र पर हुजूर विधानसभा से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने बेहद कड़ा ऐतराज जताते हुए सीधा हमला बोला है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि “जब देश में आजादी का संघर्ष हुआ, तब धर्म या जाति के आधार पर आजादी नहीं मांगी गई थी। अशफाक उल्ला खान भारत के नौजवानों के आदर्श हैं। चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल और खुदीराम बोस की तरह अशफाक उल्ला खान और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की भी पूजा होती है।”

बीजेपी विधायक ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जो भारत माता के टुकड़े करने की बात करेगा या देश से गद्दारी करेगा उसका इलाज कानून के डंडे से होगा। उसे जेल में सड़ना पड़ेगा और फांसी तक जाना पड़ सकता है। मसूद तय करें कि उन्हें ‘इलाज’ में जाना है या ‘वंदे मातरम’ में।

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