आदिवासी नेता की जेल में संदिग्ध मौत पर भड़का बस्तर, सर्व आदिवासी समाज ने संपूर्ण बस्तर बंद का किया ऐलान

जगदलपुर। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद आदिवासी नेता एवं चारामा के पूर्व जनपद अध्यक्ष जीवन ठाकुर की 4 दिसंबर को संदिग्ध हालात में मौत के बाद बस्तर संभाग में आक्रोश भड़क उठा है। सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग ने मंगलवार (9 दिसंबर 2025) को पूरे बस्तर में संपूर्ण बंद का आह्वान किया है।

जीवन ठाकुर को 12 अक्टूबर 2025 को कांकेर जिले के चारामा में जमीन विवाद के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। पहले उन्हें कांकेर जिला जेल में रखा गया, फिर 2 दिसंबर को रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया। मात्र दो दिन बाद 4 दिसंबर की सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

आदिवासी संगठन ने इसे “हिरासत में हत्या” करार देते हुए हाई-लेवल न्यायिक जांच की मांग की है।

सर्व आदिवासी समाज की प्रमुख मांगें

  • रायपुर सेंट्रल जेल और कांकेर जेल के तत्कालीन अधीक्षकों का तत्काल निलंबन (केवल तबादला पर्याप्त नहीं)
  • चारामा तहसीलदार और थाना प्रभारी पर कार्रवाई
  • मामले में शामिल भू-माफियाओं की गिरफ्तारी
  • न्यायिक जांच और मृतक परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा

सरकार ने मौत की खबर आते ही दोनों जेल अधीक्षकों का तबादला कर दिया, लेकिन आदिवासी संगठनों ने इसे “खानापूर्ति” बताया है। बंद के दौरान बस्तर के सातों जिलों में बाजार, स्कूल-कॉलेज, सरकारी दफ्तर और यातायात पूरी तरह ठप रहने की संभावना है। आपात सेवाएं और परीक्षाएं बंद से बाहर रखी गई हैं।

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