बारुईपुर पीड़िता से मिलने निकलीं ममता, सड़क पर उतरीं TMC, BJP पर ‘हाउस अरेस्ट’ और ‘विपक्ष दमन’ का आरोप
12 वर्षीय किशोरी के साथ रेप-हत्या के मामले में ममता बनर्जी के बारुईपुर जाने के ऐलान के बाद उनके आवास पर पुलिस बल तैनात, TMC ने इसे ‘विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश’ बताया
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय किशोरी के साथ कथित गैंगरेप और हत्या की वारदात के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है । इस घटना के बाद सियासी माहौल गरम हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने 6 जुलाई को बारुईपुर जाकर पीड़ित परिवार से मिलने की घोषणा की। हालांकि, इसी बीच उनके आवास पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई, जिसे TMC ने ‘हाउस अरेस्ट’ करार दिया है ।
‘विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश’
TMC ने आरोप लगाया कि जैसे ही ममता बनर्जी ने पीड़ित परिवार से मिलने का ऐलान किया, उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकने के लिए उनके आवास पर बैरिकेडिंग कर दी गई। पार्टी ने इसे भाजपा की ‘विपक्ष का गला घोंटने’ की रणनीति बताया है। TMC की राज्यसभा सांसद डोला सेन ने कहा, “बंगाल और कोलकाता में BJP के शासन में क्या हो रहा है, ये किसी से छिपा नहीं है। हर कोई जानता है कि बारुईपुर में क्या हुआ।”
वहीं, भाजपा ने TMC के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह सामान्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर TMC की विवाद खड़ा करने की कोशिश है।

बारुईपुर में क्या हुआ?
बारुईपुर में 12 वर्षीय किशोरी का शव तालाब से मिला था। पुलिस ने मामले को गैंगरेप और हत्या का बताते हुए जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और इलाके में तनाव बना हुआ है ।
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