‘चेक और कैश के काम आज ही निपटा लें…’ 11 से 13 सितंबर तक बैंक बंद, महीने के अंत में 5 दिन का महा-शटडाउन तय!
नई दिल्ली। अगर आपका चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट बनवाने, लोन प्रोसेसिंग या केवाईसी से जुड़ा कोई काम शाखा में बाकी है, तो उसे बिना देरी किए तुरंत निपटा लें। सितंबर का दूसरा हफ्ता बैंक उपभोक्ताओं के लिए मुश्किल भरा साबित हो सकता है। गुरुवार तक सामान्य कामकाज के बाद देश के कई हिस्सों में शुक्रवार यानी 11 सितंबर से रविवार 13 सितंबर तक लगातार तीन दिन बैंक शाखाएं बंद रहने वाली हैं। बात सिर्फ इन तीन दिनों तक सीमित नहीं है महीने के अंत में प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते लगातार 5 दिन का ऐसा शटडाउन आने वाला है, जिससे वित्तीय कामकाज पूरी तरह पटरी से उतर सकता है।
11 से 13 सितंबर: क्यों बंद रहेंगे बैंक के गेट?
इस हफ्ते के लंबे वीकेंड और बंदी का कारण तीन अलग-अलग स्थितियां हैं:
11 सितंबर (शुक्रवार): देश भर में कई बैंक कर्मचारी यूनियनों ने 11 सितंबर को सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया है, जिसका असर कई राज्यों की शाखाओं में कामकाज पर दिखेगा।
12 सितंबर (शनिवार): महीने का दूसरा शनिवार होने के नाते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमानुसार देशभर के सभी बैंक अनिवार्य रूप से बंद रहेंगे।
13 सितंबर (रविवार): देशव्यापी साप्ताहिक अवकाश।
सितंबर के आखिरी हफ्ते में बड़ा झटका: लगातार 5 दिन महा-शटडाउन!
इस हफ्ते के बाद असली चुनौती महीने के आखिरी हफ्ते में सामने आएगी। बैंक कर्मचारी यूनियनों ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 26 सितंबर से बैंकिंग व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी जाएगी:
26 सितंबर (चौथा शनिवार): बैंकों का नियमित अवकाश
27 सितंबर (रविवार): साप्ताहिक अवकाश
28, 29 और 30 सितंबर: बैंक यूनियनों की 3 दिवसीय देशव्यापी हड़ताल
यानी 26 से 30 सितंबर तक लगातार 5 दिन बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। कुल मिलाकर देखें तो अगले 20 दिनों के भीतर लगभग 9 दिन बैंकिंग गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित रहेंगी।
बैंक कर्मचारियों की 5 प्रमुख मांगें, जिन पर अड़ा है पेंच
5-डे बैंकिंग लागू हो: केंद्र सरकार और IBA से लंबे समय से लंबित हफ्ते में 5 कार्यदिवस और शनिवार की स्थायी छुट्टी की मांग।
पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को रद्द कर सभी कर्मियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
समान महंगाई भत्ता (DA): पेंशनभोगियों और सेवारत कर्मचारियों के लिए डीए का समान निर्धारण।
खाली पदों पर भर्ती: शाखाओं में स्टाफ की भारी किल्लत दूर करने के लिए नई नियुक्तियां और ग्रेच्युटी सीमा में इजाफा।
PLFI नियमों की वापसी: स्केल-4 से ऊपर के अधिकारियों पर थोपे गए प्रदर्शन-आधारित नियमों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करना।
डिजिटल सेवाओं का सहारा, लेकिन कैश का रखें ध्यान
शाखाएं बंद रहने के दौरान यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप और एटीएम (ATM) सेवाएं चालू रहेंगी। हालांकि, लगातार बैंक बंद रहने की स्थिति में एटीएम में नकदी खत्म होने की समस्या अक्सर खड़ी हो जाती है। ऐसे में सलाह दी जा रही है कि अपनी जरूरी नकदी की व्यवस्था पहले से ही करके रखें।
