Balrampur Opium Farming: दुर्ग के बाद बलरामपुर में भी अफीम की खेती का खुलासा, 5 एकड़ खेत में तैयार फसल पर पुलिस का छापा
Balrampur Opium Farming: छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। दुर्ग जिले के बाद अब बलरामपुर जिले में भी अफीम की खेती का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 5 एकड़ खेत में लगी अफीम की फसल बरामद की है। यह मामला जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी स्थित सरनाटोली गांव के पास जंगल किनारे का बताया जा रहा है।
मंगलवार को ग्रामीणों से मिली सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और खेत में तैयार अफीम की फसल देखी। बताया जा रहा है कि फसल पूरी तरह पक चुकी थी और अफीम के डोडों में चीरा भी लगाया गया था, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि वहां से अफीम निकालने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी।
लीज पर लेकर की जा रही थी खेती
शुरुआती जांच में यह जानकारी सामने आई है कि खेत को बाहरी लोगों ने लीज पर लेकर खेती शुरू की थी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस जमीन को किसने लीज पर लिया और खेती के पीछे किन लोगों का हाथ है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और जमीन के मालिक सहित अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
मौके से पुलिस को बड़ी मात्रा में सूखे डोडे भी मिले हैं, जिनमें खसखस भरा हुआ था। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यहां लंबे समय से अफीम की खेती की जा रही थी।
पुलिस और प्रशासन की टीम ने किया क्षेत्र सील
मामले की सूचना मिलते ही बलरामपुर-कुसमी के एसडीओपी Ashish Kunjam के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान खेत में बड़ी मात्रा में अफीम के डोडे पाए गए, जिनमें चीरा भी लगाया गया था।
एसडीओपी ने बताया कि पूरे इलाके को फिलहाल सील कर दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध खेती के पीछे कौन लोग शामिल हैं और यह नेटवर्क कब से सक्रिय था।
मामले पर कांग्रेस का सरकार पर हमला
बलरामपुर में अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि दुर्ग में अफीम की खेती का खुलासा तो केवल शुरुआत थी और प्रदेश में अफीम व अन्य सूखे नशे का कारोबार सुनियोजित तरीके से चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा नेटवर्क मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के संरक्षण में संचालित हो रहा है।
दुर्ग में भी सामने आया था ऐसा मामला
इससे पहले दुर्ग जिले में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था। वहां एक खेत में मक्के की फसल की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। इस मामले में भाजपा नेता Vinayak Tamrakar को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। घटना सामने आने के बाद पार्टी ने भी उन्हें संगठन से निष्कासित कर दिया था।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद प्रदेश में अवैध नशे के कारोबार और उसकी निगरानी को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
