Ayodhya Deepotsav: दीयों की रौशनी के पीछे छुपा अंधेरा: अयोध्या दीपोत्सव का दूसरा चेहरा… दियों का तेल बटोरते तस्वीरें कर रही सवाल…

Ayodhya Deepotsav

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लखनऊ। Ayodhya Deepotsav: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अयोध्या में नौवां दीपोत्सव धूमधाम से मनाया, जहां भगवान राम के जीवन के 21 प्रसंगों पर आधारित झांकियां निकाली गईं, 3D लाइट शो का आयोजन हुआ, 2128 अर्चकों ने महाआरती की और करीब 26 लाख दीयों से सरयू घाट जगमगा उठा। लेकिन उत्सव की चमक-दमक के ठीक बाद सामने आई तस्वीरों ने राज्य के एक काले पहलू को उजागर कर दिया—गरीबी का। दीपोत्सव समाप्त होते ही सैकड़ों लोग बुझ चुके दीयों से तेल इकट्ठा करने लगे, जिस पर अब राजनीति गरमा गई है।

दो नए विश्व रिकॉर्ड बने
रविवार को आयोजित दीपोत्सव में उत्तर प्रदेश सरकार ने दो नए गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाए। सरयू नदी के किनारे एक ही स्थान पर 26,17,215 दीये जलाए गए, जो तेल के दीयों की सबसे बड़ी प्रदर्शनी का रिकॉर्ड है। इसके अलावा, 2128 वेदाचार्य, पुजारी और भक्तों ने एक साथ महाआरती की, जो दीया घुमाने वाले सबसे अधिक लोगों का रिकॉर्ड है। गिनीज अधिकारियों ने ड्रोन के जरिए दीयों की गिनती सत्यापित की। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने एक समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ को सर्टिफिकेट प्रदान किया।

गरीबी की मारामी तस्वीरें
उत्सव की रौनक खत्म होते ही सरयू घाटों पर एक विपरीत दृश्य दिखा। सैकड़ों गरीब लोग, ज्यादातर सफाईकर्मी और स्थानीय निवासी, बुझ चुके दीयों से बचा हुआ सरसों का तेल बोतलों में भरते नजर आए। एक वीडियो में लोग झाड़ू से दीये साफ करते हुए तेल इकट्ठा करते दिखे। यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां लोग इसे ‘राम राज्य’ में गरीबी का प्रतीक बता रहे हैं। तेल की कीमत 200 रुपये लीटर होने के कारण लोग इसे घरेलू उपयोग के लिए ले जा रहे थे।

अखिलेश का तंज
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक वीडियो शेयर कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “सच तो ये दृश्य हैं, वो नजारा नहीं जिन्हें दिखाकर लोग चले गए। रोशनी के बाद का ये अंधेरा अच्छा नहीं।” अखिलेश ने पहले भी दीपोत्सव पर होने वाले खर्च पर सवाल उठाए थे, कहते हुए कि इस पैसे को गरीबों की जिंदगी में स्थायी उजाले के कामों में लगाया जाना चाहिए। बीजेपी ने इसे ‘सनातन धर्म का अपमान’ बताकर पलटवार किया।

कांग्रेस का ‘अधर्म’ वाला आरोप
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने एक वीडियो शेयर कर कहा, “जलते दीये बुझाना अधर्म है और ये अधर्म भाजपा सरकार कर रही है!” वीडियो में सफाईकर्मी झाड़ू से जलते दीये बुझाते दिखे। राजपूत ने कहा, “सनातन धर्म में जलते दीये बुझाना अशुभ, धर्म-विरुद्ध और पाप माना जाता है। भाजपा विश्व रिकॉर्ड तो बनाती है, लेकिन इन्हीं दीयों को बुझाकर देश को आपदा में नहीं डाल रही?” हालांकि, सर्च में इसकी पुष्टि सीमित मिली, लेकिन सोशल मीडिया पर इसी तरह के वीडियो वायरल हैं।

राजनीतिक बहस तेज
आम आदमी पार्टी ने भी वीडियो शेयर कर महंगाई पर तंज कसा। बीजेपी समर्थक इसे सांस्कृतिक और आर्थिक उपलब्धि बता रहे हैं, जो पर्यटन बढ़ा रही है। सीएम योगी ने कहा, “हर दीया सत्य की विजय का प्रतीक है।” लेकिन विपक्ष का कहना है कि भव्यता के पीछे गरीबी छिपाना बंद हो। यह विवाद दीपोत्सव को राजनीतिक रंग दे रहा है, जहां एक तरफ आस्था की जीत, तो दूसरी तरफ विकास की असमानता उजागर हो रही है।

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