झांसी में थमी अतीक के सबसे छोटे बेटे की सांसें: क्या पुलिस की नाकेबंदी के बीच पहुंचेगी फरार मां शाइस्ता?
झांसी/प्रयागराज। माफिया से नेता बने दिवंगत अतीक अहमद के परिवार पर दुखों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार सुबह कानपुर-झांसी हाईवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की मौत हो गई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि कार में सवार एक अन्य युवक ने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
जेल में बंद भाई से मिलने जा रहा था परिवार
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 11 बजे प्रयागराज से पांच लोग कार में सवार होकर झांसी जेल की ओर जा रहे थे। कार सवार लोग झांसी जेल में बंद अतीक के दूसरे बेटे अली अहमद से मुलाकात करने वाले थे।
जैसे ही उनकी तेज रफ्तार कार झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र अंतर्गत खिल्ली गांव के पास पहुंची, अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। हादसे में अतीक अहमद के 5वें बेटे आबान अहमद और रज़्ज़ाक अहमद के बेटे सोनू की जान चली गई।
अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति
हादसे के बाद तीन युवकों उमर, एज़ाम और ज़ाएद को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया। उमर और एज़ाम के दोनों के हाथों में गंभीर फ्रैक्चर आया है। तो वहीं ज़ाएद के माथे और पैर में गंभीर चोटें व फ्रैक्चर हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, सभी घायलों का शुरुआती इलाज कर दिया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। किसी भी तरह की अंदरूनी चोट की जांच के लिए उन्हें डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है।
एनकाउंटर, जेल और अब हादसा: अतीक के 5 बेटों का क्या है हाल?
2023 में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या के बाद से यह परिवार पूरी तरह बिखर चुका है। अतीक के पांचों बेटों की मौजूदा स्थिति पर बात करें तो सबसे बड़ा बेटा उमर अहमद लखनऊ के बिजनेसमैन अपहरण कांड में लखनऊ जेल में बंद है। जबकि दूसरा बेटा अली अहमद उमेश पाल हत्याकांड में नामजद आरोपी है और झांसी में बंद है। वहीं तीसरा बेटा असद अहमद अप्रैल 2023 में झांसी में ही पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था, चौथा बेटा अहजम अहमद फरवरी 2023 में उमेश पाल कांड के बाद बाल संरक्षण गृह में रहा फिलहाल बुआ परवीन अहमद की कस्टडी में है और पांचवां बेटा बाल संरक्षण गृह से छूटने के बाद बुआ के संरक्षण में था जिसकी गुरुवार को सड़क हादसे में मौत हो गई।
क्या सबसे छोटे बेटे के जनाज़े में पहुंचेगी फरार मां शाइस्ता परवीन?
आबान की असामयिक मौत के बाद प्रयागराज से लेकर झांसी तक एक ही चर्चा है, क्या मां शाइस्ता परवीन अपने जिगर के टुकड़े को आखिरी बार देखने आएगी? प्रयागराज पुलिस की फाइलों में 50,000 की इनामी शाइस्ता परवीन पिछले तीन साल से फरार है। 2023 में जब तीसरे बेटे असद का एनकाउंटर हुआ था, तब भी शाइस्ता के सरेंडर करने या जनाज़े में छुपकर शामिल होने की तेज अफवाहें थीं। हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड में उसकी मौजूदगी दर्ज नहीं हुई थी।
अब सबसे छोटे बेटे आबान के जनाज़े को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। देखना होगा कि कानून की पैनी नज़र और भारी पुलिस बल के बीच क्या एक मां अपने बेटे के अंतिम संस्कार में पहुंच पाती है या नहीं।
