असम और बंगाल चुनाव की तैयारी तेज: छत्तीसगढ़ के नेताओं को भाजपा ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारियां

रायपुर: आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने असम और पश्चिम बंगाल में संगठनात्मक मजबूती के लिए बड़े स्तर पर रणनीतिक नियुक्तियां की हैं। राष्ट्रीय संगठन ने छत्तीसगढ़ के कई वरिष्ठ नेताओं को इन दोनों राज्यों की महत्वपूर्ण विधानसभाओं की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि पार्टी नेतृत्व को छत्तीसगढ़ के नेताओं की संगठनात्मक क्षमता और चुनावी अनुभव पर पूरा भरोसा है।

असम में छत्तीसगढ़ के नेताओं की मजबूत मौजूदगी

असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत अरुण साव, ओपी चौधरी और विजय बघेल को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश के डिप्टी सीएम अरुण साव को असम की 9 विधानसभा सीटों की कमान सौंपी गई है। वे हाल ही में तीन दिवसीय असम दौरे से लौटे हैं। इस दौरान उन्होंने लखीमपुर जिला के भीमपारा क्षेत्र में भव्य जनसभा को संबोधित किया और जिला संगठन द्वारा आयोजित बैठक में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने विधायक मानव डेका के साथ लखीमपुर विधानसभा क्षेत्र में भी जनसंपर्क किया।

विजय बघेल और ओपी चौधरी को भी मिली अहम जिम्मेदारी

दुर्ग से सांसद विजय बघेल को डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र की 10 विधानसभा सीटों का प्रभारी बनाया गया है। वे एक बार क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं और 16 फरवरी से दोबारा अपने प्रभार वाले इलाकों का दौरा करेंगे। वहीं, छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी को भी असम में 10 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। असम प्रवास के कारण उन्हें 12 फरवरी को रायपुर में प्रस्तावित भाजपा सहयोग केंद्र में जनता की समस्याएं सुनने का कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।

बंगाल में संगठन महामंत्री पवन साय को बड़ी जिम्मेदारी

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने संगठन को धार देने के लिए पवन साय पर बड़ा दांव खेला है। उन्हें बंगाल की 56 विधानसभा सीटों का प्रभारी बनाया गया है। वे दिसंबर से लगातार बंगाल दौरे पर हैं और फिलहाल वहीं डटे हुए हैं। पवन साय ने अपनी जिम्मेदारी वाले सभी विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक बैठकें कर जमीनी हालात की समीक्षा की है और उसी के आधार पर चुनावी रणनीति तैयार की जा रही है।

बढ़ सकती है प्रदेश नेताओं की जिम्मेदारी

भाजपा के राष्ट्रीय संगठन द्वारा छत्तीसगढ़ के नेताओं को लगातार दूसरे राज्यों में अहम जिम्मेदारी दी जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के नेताओं की कार्यक्षमता से संतुष्ट होकर उन्हें भविष्य में और भी बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। खास बात यह है कि भाजपा के प्रदेश प्रभारी रहे नितिन नबीन अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके हैं, जिससे छत्तीसगढ़ के नेताओं पर भरोसा और मजबूत हुआ है।

 

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