संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर हंगामा! अमित शाह ने अखिलेश से पूछा- ‘क्या आपकी बात पाकिस्तान से होती है?’

संसद के मानसून सत्र के सातवें दिन मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा दूसरे दिन भी जारी रही। लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जिन आतंकियों ने पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों को मारा था, वे तीनों अब मारे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सुलेमान, अफगान और जिब्रान, तीनों लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ए-ग्रेड के आतंकी थे और बैसरन घाटी में 26 लोगों की हत्या में शामिल थे।

अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भड़के शाह

गृह मंत्री के संबोधन के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए पूछा कि “क्या आपकी पाकिस्तान से बात हुई कि ये आतंकी पाकिस्तानी थे?” इस पर अमित शाह भड़क गए और कहा,
“बैठ जाइए, मेरी बात सुन लीजिए। मैंने सोचा था विपक्ष आतंकियों के मारे जाने पर खुशी जताएगा, लेकिन इनके चेहरे पर स्याही फैल गई। आतंकियों को धर्म देखकर दुखी मत होइए।”

 

चिदंबरम के बयान पर तीखी आलोचना

अमित शाह ने कांग्रेस सांसद और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आतंकी गतिविधियों पर सबूत मांग रही है जबकि हमारे पास पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं। शाह ने दावा किया कि मारे गए दो आतंकियों के वोटर नंबर और पाकिस्तानी पहचानपत्र मिले हैं। यहां तक कि उनके पास से मिली चॉकलेट भी पाकिस्तान निर्मित थी।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह आतंकियों को बचाने की कोशिश कर रहा है। इस दौरान सदन में जोरदार हंगामा हुआ।

सिंधु जल संधि पर भी साधा निशाना

गृह मंत्री ने कहा, “22 अप्रैल को पहलगाम हमला हुआ, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारा गया। उसी रात मैं श्रीनगर गया। 23 अप्रैल को मोदी जी ने CCS की बैठक की। कांग्रेस का ब्लंडर रही सिंधु जल संधि को हमने सस्पेंड किया और पाक नागरिकों के वीजा रद्द किए। निर्णय लिया गया कि जहां भी आतंकी छिपे होंगे, उन्हें उचित जवाब मिलेगा।”

7 मई का ऑपरेशन सिंदूर — नौ ठिकाने तबाह

अमित शाह ने कहा कि 30 अप्रैल को CCS की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सेनाओं को पूर्ण ऑपरेशनल फ्रीडम दी। इसके बाद 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया।
उन्होंने कहा, “इस ऑपरेशन में 100 किलोमीटर अंदर घुसकर नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। यह संयमित और सटीक हमला था। इसमें केवल आतंकी मारे गए, एक भी सिविलियन हताहत नहीं हुआ। हमने एक-एक कैंप को निशाना बनाया और साबित किया कि भारत अपने दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मार सकता है।”

शाह का तीखा संदेश

गृह मंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, “अगर यह किसी को चुनावी भाषण लगता है, तो उसकी समझ पर सवाल उठता है। यह 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं की आवाज है। जैसे चश्मा होगा, वैसा ही दिखेगा।”

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