अजय चंद्राकर इंटरव्यू : अपने क्षेत्र में विकास हो या सदन में पूछे जाने वाले सवाल, सभी में आगे हैं डाला भैया, फिर भी BJP में साइडलाइन क्यों?

अजय चंद्राक

अजय चंद्राक

रायपुर/कुरूद। यूथ विंग्स के विशेष कार्यक्रम टुडेज़ पर्सनालिटी में इस बार छत्तीसगढ़ की राजनीति के एक ऐसे व्यक्तित्व से संवाद हुआ, जिन्होंने न सिर्फ राजनीति में नई ऊंचाइयों को छुआ, बल्कि अपने जनसेवा और विकास कार्यों से “राजनेता” से “जननेता” तक का सफर तय किया — ये हैं कुरुद विधानसभा क्षेत्र के विधायक और छत्तीसगढ़ विधानसभा के वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर।

उनके नेतृत्व में कुरुद क्षेत्र का विकास इस स्तर पर पहुंचा है कि वह आज कई जिलों से भी अधिक विकसित माना जाता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय व्यवस्था और सड़कों की कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में यह विधानसभा क्षेत्र पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण बन चुका है।

राजनीतिक यात्रा: विपक्ष से सरकार तक का निर्णायक सफर

अजय चंद्राकर जी ने बताया कि उनका पहला विधानसभा चुनाव 1998 में हुआ था, जब वे विपक्ष से निर्वाचित हुए थे। उसी दौरान छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ और उन्होंने एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाई। इसके बाद प्रदेश में भाजपा की 15 वर्षों तक सत्ता रही और छत्तीसगढ़ ने विकास के कई नए अध्याय लिखे।

उन्होंने साफ किया कि वे हमेशा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं। चाहे सरकार किसी की भी हो, अगर जनता से जुड़ा कोई मुद्दा सामने आता है, तो वे खुलकर बोलते हैं, चाहे वह सरकार अपने दल की ही क्यों न हो। उनके अनुसार, एक विधायक का कर्तव्य होता है कि वह जनता की बात सत्ता तक बिना डर के पहुंचाए।

नियम, तैयारी और संसद की गरिमा

अपने सटीक और तीखे सवालों के लिए जाने जाने वाले चंद्राकर जी ने कहा कि वे किसी को व्यक्तिगत रूप से निशाना नहीं बनाते, बल्कि सभी को विधानसभा की प्रक्रिया में तैयारी के साथ रहना चाहिए। मंत्री रहते हुए उन्होंने भी यही सीखा कि बिना तैयारी कोई भी जनहित का कार्य प्रभावी रूप से नहीं किया जा सकता।

शिक्षा, तकनीक और नई पीढ़ी के लिए दृष्टिकोण

हिंदी साहित्य में एमए कर चुके चंद्राकर जी ने शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) को छत्तीसगढ़ में पूरी तरह लागू करने से शिक्षा के सभी पहलुओं—कोर्स, करिकुलम, इंफ्रास्ट्रक्चर और वोकेशनल ट्रेनिंग—में क्रांतिकारी सुधार आएंगे।

सब्सिडी पर विचार और “मुफ्त” की राजनीति पर कटाक्ष

बिजली संकट और सब्सिडी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सब्सिडी केवल जरूरतमंदों को दी जानी चाहिए, और यह एक राष्ट्रीय बहस का विषय है कि इसका दायरा कितना हो। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुफ्तखोरी की राजनीति करती है, जबकि भाजपा लोगों को आत्मनिर्भर और समर्थ बनाने की दिशा में काम करती है।

छत्तीसगढ़ियावाद: राजनीति नहीं, सांस्कृतिक समरसता का नाम

अजय चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ियावाद को एक राजनैतिक नारे से ज़्यादा एक सांस्कृतिक पहचान बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विविधता ही उसकी ताकत है और इसे एकता में पिरोकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने भूपेश बघेल सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने “छत्तीसगढ़ियावाद” को सिर्फ चुनावी हथियार की तरह इस्तेमाल किया, जबकि वास्तव में यह एक सामाजिक जिम्मेदारी है।

ईडी की कार्रवाई, भारतमाला विवाद और कांग्रेस पर आरोप

2017 की सरकार के दौरान उन पर भी ईडी जांच की आंच आने को लेकर उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट तक लड़ चुके हैं और आरोपों में कोई दम नहीं था। भारतमाला प्रोजेक्ट में अपने ऊपर लगे आरोपों पर उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग की और कहा कि यह केवल कांग्रेस द्वारा झूठ फैलाने का प्रयास है।

कांग्रेस द्वारा बार-बार अडानी का नाम लिए जाने को उन्होंने “ब्लैकमेलिंग की भाषा” कहा और पूछा कि जब कोई प्रक्रिया गलत नहीं है, तो केवल नाम लेने से राजनीति क्यों की जा रही है?

डबल इंजन नहीं, अब छत्तीसगढ़ में ‘चार इंजन’ की सरकार

प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार के अलावा अब नगरीय निकाय और पंचायत स्तर तक पार्टी की मजबूत उपस्थिति को लेकर चंद्राकर जी ने इसे “चार इंजन” की सरकार बताया। उन्होंने कहा कि यह सरकार सिर्फ माल ढोने वाली ट्रेन नहीं है, बल्कि विकास की तेज़ रफ्तार एक्सप्रेस है।

उन्होंने सड़क, रेल, शिक्षा, एम्स, ट्रिपल आईटी, एआई पार्क और सेंट्रल यूनिवर्सिटी जैसे दर्जनों प्रोजेक्ट्स का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे डबल इंजन सरकार ने छत्तीसगढ़ को नई दिशा दी है।

कुरुद: एक नया औद्योगिक और कृषि केंद्र

अपने विधानसभा क्षेत्र कुरुद को लेकर उन्होंने कहा कि वहां कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। सिंचित क्षेत्र का दायरा बढ़ा है, शॉर्ट टर्म इरिगेशन की सुविधाएं बढ़ी हैं, और नए औद्योगिक क्षेत्र बन रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या कुरुद को जिला बनाने की महत्वाकांक्षा है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि धमतरी से ही संतुष्ट हैं और समग्र विकास की सोच रखते हैं।

छत्तीसगढ़ का भविष्य: तकनीक, खुशहाली और एकता

अंत में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद मुक्त हो रहा है, खाद्यान्न सुरक्षा मजबूत हुई है और शिक्षा-तकनीक जैसे नए क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने “हैप्पीनेस इंडेक्स” में छत्तीसगढ़ को टॉप पर लाने की बात कही और कहा कि यही उनका विजन है—एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल छत्तीसगढ़।

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