‘केंद्र और राज्य में गौमाता के नाम पर सरकार बनी पर गौ संरक्षण नहीं ‘, कुंवर सिंह के सवाल से गरमाया सदन

विधानसभा प्रश्नकाल

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू होते ही कृषि, पशुपालन और गौ संरक्षण से जुड़े अहम मुद्दों पर सदन में जोरदार चर्चा देखने को मिली। सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने योजनाओं के क्रियान्वयन, खर्च और जमीनी स्थिति को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

फसल उत्पादन कार्यक्रम में खर्च को लेकर उठा सवाल

प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक पुन्नुलाल मोहले ने फसल उत्पादन कार्यक्रम के तहत किए जा रहे व्यय को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने खाद और बीज के वितरण की प्रक्रिया के साथ-साथ उसके मूल्यांकन को लेकर सरकार से स्पष्ट जानकारी मांगी।

कृषि मंत्री ने दी स्थिति की जानकारी

इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सदन को बताया कि राज्य में सभी पात्र किसानों को खाद और बीज का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मूल्यांकन की एक व्यवस्थित प्रणाली विकसित की जा रही है।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी क्षेत्र से खाद या बीज वितरण को लेकर शिकायत प्राप्त होती है, तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

विधानसभा में गूंजा घुमंतू पशुओं का मुद्दा

प्रश्नकाल में छत्तीसगढ़ में घुमंतू पशुओं की बढ़ती संख्या का मुद्दा भी जोरशोर से उठा। कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने राज्य में घुमंतू पशुओं की वर्तमान संख्या और उनके संरक्षण को लेकर सरकार से जानकारी मांगी।

राज्य में 1.84 लाख से अधिक घुमंतू पशु

पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम ने सदन को बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 1 लाख 84 हजार 993 घुमंतू पशु हैं। उन्होंने कहा कि पशुधन संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा गौधाम योजना संचालित की जा रही है।

गौधाम योजना के तहत संरक्षण कार्य

मंत्री ने जानकारी दी कि अभी राज्य में 3 गौधाम संचालित हैं, जहां 620 पशुओं का संरक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी गौधाम निर्माण की प्रक्रिया चल रही है, ताकि अधिक संख्या में पशुओं को सुरक्षित आश्रय दिया जा सके।

रखरखाव के लिए सरकार दे रही अनुदान

कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने गौधामों में पशुओं के रखरखाव को लेकर खर्च की जानकारी मांगी। इस पर मंत्री ने बताया कि सरकार की ओर से गौधाम संचालन के लिए अनुदान दिया जाता है। अलग-अलग वर्षों में प्रति पशु चारा और पानी की व्यवस्था के लिए निर्धारित राशि प्रदान की जाती है।

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गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग

प्रश्नकाल के दौरान कुंवर सिंह निषाद ने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर गौमाता के नाम पर सरकारें बनी हैं, लेकिन अपेक्षित स्तर पर गौ संरक्षण नहीं हो पा रहा है।

सरकार कर रही पशु संरक्षण की चिंता: मंत्री

इस पर मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार पशुओं के चारे और पानी की समुचित व्यवस्था को लेकर गंभीर है। उन्होंने दावा किया कि गौ संरक्षण की दिशा में लगातार बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

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