नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के पर्यटक: मुख्यमंत्रियों ने दिया सुरक्षित लाने का आश्वासन, वापसी की कवायद तेज
नेपाल
नेपाल हिंसा अपडेट्स: पड़ोसी देश नेपाल में चल रही राजनीतिक अशांति और हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत के विभिन्न राज्यों ने वहां फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए फंसे पर्यटकों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने दी आश्वस्ति
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार नेपाल में फंसे राज्य के पर्यटकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन भारत सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर निकासी अभियान को अंजाम दे रहा है।
महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल भी हुए सक्रिय
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नेपाल में फंसे राज्य के लगभग 150 पर्यटकों से सीधे संपर्क किया और उनकी जल्द वापसी का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर आवश्यक मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य सरकार नेपाल में फंसे पर्यटकों की निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा, “मैं नेपाल में फंसे लोगों से अपील करती हूँ कि वे धैर्य रखें। हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही उनकी वापसी सुनिश्चित की जाएगी।”
नेपाल में विरोध प्रदर्शन से हालात बिगड़े
नेपाल में 8 सितंबर को ‘जनरेशन ज़ेड नेपाल’ के बैनर तले हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्रालय के अनुसार, इस हिंसा में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 1,033 लोग घायल हुए हैं।
इनमें से 713 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है, जबकि 55 गंभीर घायलों को अन्य चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है। 253 मरीज अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। राजधानी काठमांडू का सिविल सर्विस अस्पताल सबसे अधिक घायलों का इलाज कर रहा है, जहां 436 मरीजों का इलाज चल रहा है। नेशनल ट्रॉमा सेंटर में 161, जबकि एवरेस्ट अस्पताल में 109 मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
देशभर के 28 अस्पताल वर्तमान में घायलों की देखभाल कर रहे हैं। मंत्रालय ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में घुसने की कोशिश की थी, जिस पर सुरक्षा बलों ने गोलियां और आंसू गैस के गोले दागे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
