“तत्काल काम पर लौटो वरना वेतन भूल जाओ”: 16 हजार स्वास्थ्यकर्मियों को सरकार का आखिरी अल्टीमेटम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नियमितीकरण समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संविदा कर्मचारियों को तुरंत काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया है और साथ ही No-Work, No-Payment का नोटिस भी जारी कर दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने साफ कहा कि संविदा कर्मचारियों को केवल काम करने पर ही भुगतान मिलता है। उन्होंने कहा— “यह एक-दो दिन की बात नहीं है, हड़ताल लंबा खिंच रहा है। इसलिए विभाग ने नो-वर्क, नो-पे का नोटिस जारी किया है।”

16 हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर

प्रदेश में लगभग 16 हजार NHM कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण और सेवा शर्तों में सुधार शामिल है। दो हफ्तों से अधिक समय से स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं, जिससे अस्पतालों की व्यवस्थाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही थीं। इसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने कर्मचारियों को तुरंत ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश दिया।

NHM कर्मचारियों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर चुके हैं और कम से कम 5 मांगों पर सकारात्मक चर्चा की उम्मीद जता रहे हैं।

भूपेश बघेल पर मंत्री का पलटवार

इस बीच RSS प्रमुख मोहन भागवत के “3 बच्चे पैदा करने” वाले बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तंज का मामला भी गरमाया। भूपेश बघेल ने कहा था कि क्या बच्चे गुंडागर्दी करने या बीजेपी को वोट देने के लिए पैदा होंगे?

इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा— “कांग्रेस को हर हिंदू गुंडा नजर आता है। भूपेश जी का इशारा हिंदू समाज के खिलाफ है। यह देश सनातन संस्कृति और सनातनियों का देश है। इस धरती पर जो भी मां भारती की कोख से पैदा हुआ है, वह हिंदुस्तानी है।”

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