Mahadev Satta App Case: सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल करेंगे सरेंडर? वारंट रद्द करने कोर्ट से मांगी 3 महीने की मोहलत
Mahadev Satta App Case
रायपुर | Mahadev Satta App Case: छत्तीसगढ़ के चर्चित महादेव सट्टा एप घोटाले के आरोपियों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने गिरफ्तारी वारंट रद्द करने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई है। दोनों ने अदालत से अपील की है कि उन्हें 3 महीने का समय दिया जाए ताकि वे खुद पेश (सरेंडर) हो सकें।
आरोपियों के वकील ने दलील दी कि सौरभ और रवि कोर्ट से भाग नहीं रहे हैं, बल्कि तय समय मिलने पर स्वयं अदालत के सामने हाज़िर हो जाएंगे। इस पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पेशल कोर्ट ने अपना फैसला 3 नवंबर तक सुरक्षित रख लिया है।
कैसे शुरू हुआ महादेव सट्टा एप?
जानकारी के अनुसार, साल 2017 में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए कमाई करने के उद्देश्य से एक वेबसाइट शुरू की। शुरुआत में इस पर यूजर्स कम थे और आमदनी भी बेहद कम थी।
इसके बाद 2019 में सौरभ नौकरी के लिए दुबई चला गया। कुछ समय बाद उसने अपने दोस्त रवि को भी दुबई बुला लिया। वहां पहुंचने के बाद दोनों ने मिलकर ‘महादेव बुक ऑनलाइन’ नाम से नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया।
बिजनेस को फैलाने के लिए सौरभ ने दो रणनीतियां अपनाईं—
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सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर्स के जरिए ऐप की ब्रांडिंग।
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सट्टा चलाने वाले दूसरे ऐप और वेबसाइट्स को खरीदकर अपने नेटवर्क से जोड़ना।
धीरे-धीरे महादेव ऐप ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया, जिससे करोड़ों का अवैध कारोबार होने लगा।
