नगर परिषद की लापरवाही का खामियाजा भुगत रही लाडली बहनें, गलती से बंद हुए योजनाओं के लाभ
रायसेन (बरेली)। जिले के नगर परिषद बरेली में कर्मचारियों की लापरवाही से बड़ा मामला सामने आया है। नगर परिषद की चूक के चलते 150 से अधिक परिवारों के नाम समग्र आईडी से हटा दिए गए हैं। इसका सीधा असर इन परिवारों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं पर पड़ा है। खासकर लाडली बहना योजना से जुड़े 297 नाम पोर्टल से गायब हो गए, जिससे लाभार्थियों के खाते में अगस्त माह की किस्त की राशि नहीं पहुंची। सबसे अधिक प्रभावित वार्ड क्रमांक 5 हुआ है, जहां की पार्षद रीना शर्मा हैं।
लाडली बहनों के खाते में नहीं आए 1250 रुपए
वार्ड क्रमांक 5 की 297 लाडली बहनों के खाते में अगस्त माह की 1250 रुपए की राशि नहीं आई है। इतना ही नहीं, इन परिवारों को मिलने वाली वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन और राशन जैसी अन्य योजनाओं का लाभ भी रुक गया है। इस मामले से वार्ड की महिलाएं और नागरिक आक्रोशित हैं।
परिषद कार्यालय में सौंपा गया ज्ञापन
समस्या को लेकर दर्जनों महिलाएं और स्थानीय लोग वार्ड पार्षद रीना शर्मा के नेतृत्व में नगर परिषद पहुंचे और कलेक्टर, एसडीओ, नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों की समग्र आईडी को दोबारा रिकवर किया जाए और योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
कर्मचारियों की लापरवाही या साजिश?
कुछ लोगों ने इसे जानबूझकर की गई साजिश बताया है, जबकि नगर परिषद के सीएमओ हरिशंकर वर्मा ने साफ कहा कि यह कर्मचारियों की लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि टीम बनाकर सर्वे कराया जाएगा और नामों को फिर से पोर्टल पर जोड़ा जाएगा।
कार्रवाई की उठी मांग
ज्ञापन में प्रभावित परिवारों और महिलाओं ने जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लापरवाही की वजह से गरीब परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित हो गए हैं, जिससे उनके जीवनयापन पर गहरा असर पड़ा है।
