ट्रेन से गायब अर्चना तिवारी को पुलिस ने किया बरामद: शादी के दबाव से परेशान होकर घर छोड़ी, नेपाल में पकड़ी गई
इंदौर/कटनी। लंबे समय से चर्चा में रहे अर्चना तिवारी मिसिंग केस का राज आखिरकार सामने आ गया है। युवती ने खुद खुलासा किया कि उसके घर वाले शादी के लिए लगातार दबाव बना रहे थे, जबकि वह अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान देना चाहती थी। इसी तनाव के चलते उसने घर छोड़ने का बड़ा फैसला लिया।
एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया पूरा सच
रेल एसपी राहुल लोढ़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अर्चना पहले छात्र राजनीति में सक्रिय थी। उसने पुलिस को बताया कि वह सिविल जज बनने तक शादी नहीं करना चाहती, लेकिन घरवाले एक पटवारी युवक से शादी की जिद कर रहे थे। इसी कारण वह मानसिक दबाव में आ गई और रक्षाबंधन से पहले ही घर से भागने की योजना बनाई।
कैसे बनी भागने की प्लानिंग?
7 अगस्त 2025 को अर्चना ने इंदौर से कटनी जाने के लिए ट्रेन पकड़ी। सफर के दौरान उसने अपने पुराने परिचित तेजेंदर और दोस्त सारांश से मदद ली। पहले वह शुजालपुर और इंदौर पहुंची, फिर डर के कारण हैदराबाद चली गई। इसके बाद उसने नेपाल जाने का फैसला लिया।
नेपाल पहुंचने का सफर
अर्चना हैदराबाद से दिल्ली और फिर दिल्ली से नेपाल के धनगुढ़ी होते हुए काठमांडू पहुंची। यहां उसे देवकोटा नाम के व्यक्ति ने नेपाल का सिम कार्ड उपलब्ध कराया ताकि वह व्हाट्सएप पर संपर्क बनाए रख सके।
ट्रेन में बैग क्यों छोड़ा?
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अर्चना ने ट्रेन में ही कपड़े बदलकर अपना बैग वहीं छोड़ दिया। उसका मकसद यह जताना था कि शायद वह किसी हादसे का शिकार हो गई है।
नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तारी
मध्यप्रदेश GRP पुलिस ने नेपाल बॉर्डर लखीमपुरी से अर्चना को पकड़ लिया। पूछताछ में युवती ने साफ कहा कि सारांश और तेजेंदर उसके केवल दोस्त हैं, उनका इस पूरे मामले में कोई गलत रोल नहीं है।
