जितेंद्र आव्हाड का विवादित बयान: “सनातन धर्म नाम की कोई चीज कभी थी ही नहीं, इसने भारत को बर्बाद किया”

मुंबई। एनसीपी (शरद पवार गुट) विधायक जितेंद्र आव्हाड ने सनातन धर्म को लेकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। शिवाजी महाराज से लेकर डॉ. भीमराव आंबेडकर तक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि “सनातन धर्म नाम की कोई चीज कभी थी ही नहीं। यही विचारधारा भारत के पतन की बड़ी वजह रही है।”

शिवाजी महाराज और संभाजी का जिक्र

आव्हाड ने कहा कि तथाकथित सनातन धर्म ने छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक को रोकने की कोशिश की थी। यही सनातन धर्म छत्रपति संभाजी महाराज को बदनाम करने में लगा रहा। उन्होंने कहा, “इस धर्म के नाम पर समाज के महान सुधारकों के साथ अन्याय और अत्याचार हुए।”

समाज सुधारकों के साथ अन्याय

एनसीपी विधायक ने आरोप लगाया कि सनातन धर्म के अनुयायियों ने ज्योतिराव फुले की हत्या की कोशिश की थी और सावित्रीबाई फुले पर गोबर और गंदगी फेंकी थी। उन्होंने दावा किया कि शाहू महाराज की हत्या की साजिश भी इसी परंपरा के नाम पर रची गई थी।

डॉ. आंबेडकर का उदाहरण

जितेंद्र आव्हाड ने डॉ. भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि इस तथाकथित सनातन धर्म ने उन्हें पानी पीने और स्कूल में पढ़ने तक का अधिकार नहीं दिया। उन्होंने कहा, “बाबासाहेब ने इसी सनातन धर्म के खिलाफ आवाज उठाई, मनुस्मृति को जलाया और उसकी दमनकारी परंपराओं को ठुकराया।”

“खुलकर बोलने का समय आ गया है”

आव्हाड ने कहा कि सच बोलने से अब डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “हमें खुलकर कहना चाहिए कि सनातन धर्म और उसकी विचारधारा विकृत है। देश को आगे बढ़ाना है तो इन सच्चाइयों का सामना करना ही होगा।”

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