छत्तीसगढ़ में शक्कर की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर, चिल्हर में 48 रुपये किलो तक पहुंची

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में शक्कर की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। आमतौर पर थोक बाजार में शक्कर के दाम 34 से 36 रुपये और चिल्हर में 38 से 40 रुपये प्रति किलो के बीच रहते थे, लेकिन अब इनकी कीमतों में तेज उछाल आया है। वर्तमान में थोक में शक्कर 42 से 44 रुपये और चिल्हर बाजार में 46 से 48 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।

उत्पादन घटा, निर्यात बढ़ा:

शक्कर की इस महंगाई के पीछे कई अहम कारण हैं। पहला बड़ा कारण इस वर्ष शक्कर उत्पादन का पांच साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंचना है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने इस साल दो बार में 10-10 लाख टन शक्कर के निर्यात की मंजूरी दी है, जिससे घरेलू आपूर्ति प्रभावित हुई है।

समर्थन मूल्य नहीं बढ़ा, लेकिन गन्ने का खर्च बढ़ा:

हालांकि गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है, लेकिन शक्कर का न्यूनतम समर्थन मूल्य अभी तक संशोधित नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार शक्कर का समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाती है, तो इसकी खुदरा कीमत 50 रुपये प्रति किलो के पार जा सकती है।

खुदरा बाजार में क्यों ज्यादा महंगी?:

डूमरतराई थोक बाजार में शक्कर की कीमतें फिलहाल 41 रुपये किलो के आसपास हैं, लेकिन खुदरा दुकानों में यह 46 से 48 रुपये तक बिक रही है। जानकारों के मुताबिक, छोटे दुकानदार सीधे थोक मंडी से खरीदारी नहीं करते, जिससे परिवहन और बिचौलियों के कारण कीमतें बढ़ जाती हैं।

अगली फसल से राहत की उम्मीद:

हालांकि आने वाले शक्कर सत्र 2025-26 में उत्पादन बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अनुमान है कि इस बार देश में करीब 35 मिलियन टन शक्कर का उत्पादन हो सकता है, जिससे घरेलू बाजार में राहत मिलने की उम्मीद है।

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