Raipur Dussehra 2026: WRS मैदान में CM विष्णुदेव साय ने किया रावण दहन, 56 साल पुरानी परंपरा का दिखा भव्य रूप

Raipur Dussehra 2026

रायपुर के WRS मैदान में विजयदशमी के अवसर पर आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। नेशनल क्लब की ओर से आयोजित विजय उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रावण दहन किया। इसके बाद रावण और कुंभकरण के विशाल पुतले आग की लपटों में समा गए। कार्यक्रम के दौरान हुई रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने उत्सव का आकर्षण बढ़ा दिया।

विजय उत्सव में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मैदान में जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे और लोगों ने एक-दूसरे को दशहरे की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ विधायक पुरंदर मिश्रा और सांसद लक्ष्मी वर्मा भी मौजूद रहे।

CM साय ने बताया विजयदशमी का महत्व

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में विजयदशमी को असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक बताया। उन्होंने आयोजन में शामिल लोगों का स्वागत और अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के उत्सव हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं।

उन्होंने छत्तीसगढ़ के धार्मिक महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि यह माता कौशल्या की धरती और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। इसलिए प्रदेश में विजयदशमी और विजय उत्सव का विशेष महत्व है।

पुरंदर मिश्रा बोले- राम मंदिर का सपना हुआ पूरा

विधायक पुरंदर मिश्रा ने अपने संबोधन में अयोध्या के श्रीराम मंदिर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लगभग 500 साल की प्रतीक्षा के बाद राम मंदिर निर्माण का सपना पूरा हुआ। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का भी जिक्र किया।

पुरंदर मिश्रा ने छत्तीसगढ़ को भगवान श्रीराम के ननिहाल के रूप में बताते हुए कहा कि प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में दशहरा उत्सव का खास स्थान है। उन्होंने अगले वर्ष इस आयोजन को नए स्वरूप में और अधिक भव्य बनाने की बात भी कही।

WRS मैदान में 56 वर्षों से मनाया जा रहा दशहरा

रायपुर के WRS मैदान में दशहरा उत्सव की परंपरा कई दशकों से चली आ रही है। सांसद लक्ष्मी वर्मा ने बताया कि यहां दशहरा आयोजन को 56 साल पूरे हो चुके हैं। हर साल इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

उन्होंने कहा कि विजयदशमी लोगों को सत्य, धर्म, नीति और सदाचार के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है। सत्य और असत्य के बीच संघर्ष की परंपरा से यह संदेश मिलता है कि अंत में सत्य की जीत होती है।

रावण-कुंभकरण दहन के बाद रंगीन आतिशबाजी

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रावण और कुंभकरण के पुतलों का दहन रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रावण दहन किया, जिसके बाद कुंभकरण के पुतले का भी दहन किया गया। इसके बाद आसमान में हुई आतिशबाजी ने लोगों का ध्यान खींचा।

बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने इस आयोजन का आनंद लिया। धार्मिक उत्साह, जय श्रीराम के नारों और आतिशबाजी के बीच WRS मैदान का विजय उत्सव संपन्न हुआ।

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