अमेरिका में तूफान ‘इसायस’ का तांडव: फ्लोरिडा और अलबामा में बाढ़ जैसे हालात, 9 फीट ऊंची समुद्री लहरों की चेतावनी, कई उड़ानें रद्द

वॉशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिणी तटीय इलाकों में कैटगरी-2 के शक्तिशाली तूफान ‘इसायस’ ने भीषण तबाही मचाई है। 169 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से चली हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते फ्लोरिडा के पैनहैंडल क्षेत्र और अलबामा के तटीय इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। तूफान के प्रभाव से सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं और बिजली का ढांचा बुरी तरह चरमरा गया। शुक्रवार देर शाम तक दोनों राज्यों में 5.94 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के घरों की बिजली पूरी तरह गुल हो गई।

डेस्टिन के पास तट से टकराया, गवर्नर ने दी घरों में रहने की सलाह

‘नेशनल हरीकेन सेंटर’ के अनुसार, तूफान इसायस फ्लोरिडा के डेस्टिन के समीप तट से टकराया। लैंडफॉल के समय हवाओं की गति 169 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसैंटिस ने आम जनता से सड़कों पर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर बने रहने की अपील की है। गवर्नर ने चेतावनी जारी की है कि भारी बारिश के कारण पूरे इलाके में अचानक विनाशकारी बाढ़ आ सकती है। मौसम विभाग ने फ्लोरिडा के पैनहैंडल और दक्षिणी जॉर्जिया में टॉरनेडो उठने की आशंका भी व्यक्त की है।

9 फीट ऊंची लहरों का खतरा, राहत-बचाव के लिए 5 हजार जवान तैनात

नेशनल हरीकेन सेंटर ने समुद्र में 1.8 से 2.7 मीटर करीब 6 से 9 फीट तक ऊंची लहरें उठने की चेतावनी जारी की है। अलबामा के मोबाइल शहर समेत कई तटीय इलाकों में आपातकालीन सेवाओं को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए फ्लोरिडा प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए नेशनल गार्ड के करीब पांच हजार सैनिकों और वायुसैनिकों को मोर्चे पर तैनात कर दिया है। इसके अतिरिक्त, एहतियातन संवेदनशील जेलों से कैदियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है और पेट्रोल की कमी व हाईवे बंद होने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

उड़ानों पर ब्रेक, लैंडफॉल के बाद कमजोर पड़ने की उम्मीद

तूफान के चलते हवाई यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। फ्लोरिडा के पैनहैंडल क्षेत्र के प्रमुख हवाई अड्डों पर कई उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि डेस्टिन-फोर्ट वाल्टन बीच एयरपोर्ट से सभी उड़ानों का संचालन पूरी तरह रोक दिया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, तट से टकराने के बाद तूफान की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने लगी है और शनिवार दोपहर तक इसके कमजोर होकर उष्णकटिबंधीय तूफान में बदलने की संभावना है। हालांकि, इसके बावजूद मूसलाधार बारिश और जलभराव का खतरा अभी भी बना हुआ है।

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