Javed Akhtar ने मुस्लिम समाज पर उठाए सवाल, ओवैसी-जुबैर का भी लिया नाम; बोले- अपनी कम्युनिटी पर भी बोलना चाहिए

Javed Akhtar Mentions Owaisi & Zubair

Javed Akhtar Statement: मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। अपने हालिया इंटरव्यू में उन्होंने हिंदू और मुस्लिम समाज में अपनी-अपनी कम्युनिटी की सामाजिक कमियों पर बात करने के तरीके को लेकर अपनी राय रखी। इस दौरान उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी, मोहम्मद जुबैर और आरफा खानम शेरवानी समेत कई लोगों का नाम भी लिया।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान जावेद अख्तर ने कहा कि जब हिंदू समाज की किसी सामाजिक बुराई या समस्या पर सवाल उठता है, तो हिंदू समाज के भीतर से भी कई लोग उस पर खुलकर अपनी बात रखते हैं। उनके मुताबिक, मुस्लिम समाज में अपनी कम्युनिटी की कमियों पर खुलकर बोलने वाले लोगों की संख्या उन्हें कम नजर आती है।

‘अपनी कम्युनिटी की खराबी दिखाना मेरा फर्ज’

Javed Akhtar ने कहा कि वह खुद नास्तिक हैं, लेकिन उनका जन्म मुस्लिम परिवार में हुआ है। ऐसे में उनका मानना है कि अपनी कम्युनिटी के भीतर मौजूद समस्याओं और कमियों की ओर इशारा करना भी उनकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने बातचीत में कहा कि जब किसी समाज में कोई समस्या हो तो केवल दूसरे समाज की कमियों पर बात करने के बजाय अपने समाज के भीतर की समस्याओं पर भी सवाल उठने चाहिए। उनका कहना था कि ‘हमारा तो सब ठीक है, सब बढ़िया’ वाली सोच से काम नहीं चलना चाहिए।

ओवैसी समेत इन लोगों का लिया नाम

इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने आरफा खानम शेरवानी, मोहम्मद जुबैर और असदुद्दीन ओवैसी का नाम लेते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब हिंदू समाज से जुड़ी किसी सामाजिक बुराई पर चर्चा होती है तो कुछ लोग मुखर होकर अपनी बात रखते हैं, लेकिन अपनी कम्युनिटी की समस्याओं पर उतनी ही स्पष्टता से चर्चा नहीं होती।

Javed Akhtar ने यह भी कहा कि देश में ऐसे कई हिंदू हैं जो खुद को नास्तिक मानते हैं और हिंदू कट्टरपंथी या चरमपंथी समूहों की गतिविधियों का विरोध करते हैं। उनके मुताबिक, उन्हें इस बात की कमी महसूस होती है कि मुस्लिम समाज में भी ज्यादा लोग अपनी कम्युनिटी की कमियों पर खुलकर सवाल उठाएं।

81 साल के हुए जावेद अख्तर

Javed Akhtar 4 अक्टूबर 2026 को 81 साल के हो गए। उनके जन्मदिन पर पत्नी और अभिनेत्री शबाना आजमी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की। पोस्ट में उन्होंने जावेद अख्तर की जवानी के दिनों की तस्वीर शेयर करते हुए उनके संघर्ष के दिनों को याद किया।

शबाना आजमी के मुताबिक, 4 अक्टूबर 1964 को 19 साल की उम्र में जावेद अख्तर बॉम्बे सेंट्रल स्टेशन पहुंचे थे। उस समय उनकी जेब में सिर्फ 27 नए पैसे थे और आंखों में फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने का सपना था।

Javed Akhtar Mentions Owaisi & Zubair

कभी फुटपाथ और स्टेशन पर भी गुजरे दिन

Javed Akhtar के शुरुआती संघर्ष को याद करते हुए बताया गया कि फिल्म इंडस्ट्री में काम की तलाश के दौरान उन्होंने बेहद मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया। गुजारे के लिए उन्हें फुटपाथ, रेलवे स्टेशन और स्टूडियो के कंपाउंड में रातें बितानी पड़ीं।

उनके संघर्ष के दिनों से जुड़ा यह भी बताया जाता है कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें लगातार तीन दिनों तक खाना नहीं मिला था। उनके पास पहनने के लिए भी केवल वही कपड़े थे जो उन्होंने उस समय पहने हुए थे।

हनी ईरानी से पहली शादी, फिर शबाना आजमी से विवाह

Javed Akhtar की निजी जिंदगी भी लंबे समय से चर्चा में रही है। शबाना आजमी से शादी से पहले उन्होंने स्क्रीनराइटर हनी ईरानी से 1972 में शादी की थी। दोनों के दो बच्चे हैं—फिल्ममेकर जोया अख्तर और अभिनेता-फिल्ममेकर फरहान अख्तर।

Javed Akhtar और हनी ईरानी 1978 में अलग हो गए थे और 1985 में उनका तलाक हुआ। इसके बाद जावेद अख्तर ने 1984 में अभिनेत्री शबाना आजमी से शादी की।

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