MP भाजपा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लब देव बने प्रदेश प्रभारी, रेखा वर्मा को मिली सह-प्रभारी की जिम्मेदारी

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मध्य प्रदेश संगठन में लंबे समय से चल रही बदलाव की अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। पार्टी हाईकमान ने मध्य प्रदेश के लिए संगठनात्मक स्तर पर नई नियुक्तियां करते हुए त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद बिप्लब कुमार देव को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा को मध्य प्रदेश के सह-प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बदलाव राज्य संगठन को नई ऊर्जा देने और आगामी रणनीतिक योजनाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।

क्यों हुआ प्रभारियों में बदलाव? यूपी और दिल्ली से जुड़ा है समीकरण

अब तक मध्य प्रदेश में प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता डॉ. महेंद्र सिंह संभाल रहे थे, जो लगातार संगठनात्मक बैठकों और कार्यक्रमों में सक्रिय बने हुए थे। हालांकि, वे मूलतः उत्तर प्रदेश से आते हैं और पार्टी ने उन्हें यूपी में आगामी विधानसभा चुनावों और संगठन से जुड़ी जिम्मेदारियों के लिए अहम रोल में रखा है। उत्तर प्रदेश में उनकी बढ़ती सक्रियता के चलते मध्य प्रदेश में नए प्रभारी की जरूरत महसूस की जा रही थी।

वहीं, मध्य प्रदेश के सह-प्रभारी रहे सतीश कुमार उपाध्याय दिल्ली से विधायक हैं और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष पद पर भी कार्यरत हैं। दिल्ली की स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण वे राज्य को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे। इन दोनों नेताओं की राज्य से बाहर की जिम्मेदारियों को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने मध्य प्रदेश में पूर्णकालिक सक्रियता के लिए बिप्लब देव और रेखा वर्मा की जोड़ी को मैदान में उतारा है।

बिप्लब कुमार देव: त्रिपुरा में वामपंथ का किला ढहाने वाले रणनीतिकार

मध्य प्रदेश के नए प्रभारी बिप्लब कुमार देव भाजपा के प्रमुख संगठनात्मक चेहरों में गिने जाते हैं:

ऐतिहासिक जीत के शिल्पकार: बिप्लब देव 2018 से 2022 तक त्रिपुरा के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने 2018 के विधानसभा चुनाव में 25 वर्षों से जमे वामपंथी शासन को उखाड़ फेंककर भाजपा की ऐतिहासिक सरकार बनाई थी।
वर्तमान भूमिका: वे त्रिपुरा पश्चिम लोकसभा सीट से सांसद हैं और पार्टी के मौजूदा केंद्रीय ढांचे में राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनका यह संगठनात्मक और चुनावी अनुभव मध्य प्रदेश में भाजपा के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।

संगठन में प्रभारी और सह-प्रभारी की क्या होती है भूमिका?

भाजपा की संगठनात्मक संरचना में प्रदेश प्रभारी की भूमिका केंद्रीय नेतृत्व और राज्य इकाई के बीच समन्वय की सबसे मजबूत कड़ी मानी जाती है। प्रभारी प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और मुख्यमंत्री के साथ मिलकर नीतियों के क्रियान्वयन, संगठनात्मक विस्तार और चुनावी तैयारियों का रोडमैप तैयार करते हैं। राज्य के जमीनी हालात, कार्यकर्ताओं का फीडबैक और गोपनीय रिपोर्ट सीधे राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने का जिम्मा भी प्रभारी के पास ही होता है। वहीं, सह-प्रभारी क्षेत्रीय स्तर पर प्रभारी के साथ मिलकर जिम्मेदारियों का बंटवारा करते हैं, जिससे संगठन के हर विंग पर पैनी नजर बनी रहे।

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