उत्तर कोरिया ने ईस्ट सी की ओर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, जापान और दक्षिण कोरिया में अलर्ट जारी

सियोल/टोक्यो। उत्तर कोरिया ने रविवार को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चेतावनियों को दरकिनार करते हुए पूर्वी समुद्र की ओर संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। दक्षिण कोरियाई सेना और जापान के रक्षा मंत्रालय ने इस ताजा प्रक्षेपण की पुष्टि करते हुए अपने-अपने देशों में सुरक्षा तंत्र को सतर्क कर दिया है। यह मिसाइल प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को लेकर प्योंगयांग लगातार कड़ा विरोध दर्ज करा रहा है।

जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरी मिसाइल

प्रक्षेपण के फौरन बाद जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आधिकारिक अलर्ट जारी किया। जापानी अधिकारियों ने बताया कि उत्तर कोरियाई मिसाइल से जुड़ी तकनीकी जानकारियां और डेटा जुटाया जा रहा है। जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मिसाइल समुद्र में जाकर समा गई। जापानी मीडिया रिपोर्टों में संकेत दिया गया है कि प्रोजेक्टाइल का संभावित पतन क्षेत्र जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र से बाहर था। वहीं, दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने भी पुष्टि की कि पूर्वी समुद्र की दिशा में एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल दागा गया है।

वॉनसान तट से हुआ प्रक्षेपण, दक्षिण कोरिया में उच्च स्तरीय निगरानी

दक्षिण कोरियाई रक्षा अधिकारियों के विस्तृत विश्लेषण के अनुसार, यह कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल थी, जिसे उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय इलाके वॉनसान से लॉन्च किया गया था। प्रक्षेपण के बाद दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने आपात निर्देश जारी करते हुए सैन्य अधिकारियों को उत्तर कोरिया की हर हरकत पर कड़ी निगरानी रखने और संभावित अतिरिक्त परीक्षणों के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है। साथ ही समुद्री और हवाई मार्गों पर नागरिक विमानों व व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

संयुक्त सैन्य अभ्यास और IAEA प्रस्ताव पर प्योंगयांग का गुस्सा

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 12 सितंबर को भी उत्तर कोरिया ने पूर्वी समुद्र में कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिसे उसने संयुक्त अग्निशक्ति अभ्यास का हिस्सा बताया था। हाल ही में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान द्वारा गुआम के निकट किए गए पांच दिवसीय संयुक्त युद्धाभ्यास पर किम जोंग उन की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग ने तीखी आपत्ति जताई थी और परमाणु क्षमता को और मजबूत करने की चेतावनी दी थी। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के हालिया प्रस्ताव को खारिज करते हुए प्योंगयांग ने साफ कर दिया है कि वह अपनी परमाणु नीति में कोई बदलाव नहीं करेगा। रविवार को हुए इस नए प्रक्षेपण ने एक बार फिर पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को गहरा कर दिया है।

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