राहुल गांधी के कार्यक्रम के बाद बोले जीतू पटवारी: सरकार का काम अधिकार संपन्न शिक्षा देना, 2028 में बनेगी हमारी सरकार
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने युवाओं और छात्रों से जुड़े जिन ज्वलंत मुद्दों को मंच से उठाया है, आज पूरा प्रदेश और आम जनता उसे अपना मुद्दा मान रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुहिम केवल एक कार्यक्रम तक सीमित रहने वाली नहीं है, बल्कि ‘छात्रों की गूंज’ की आवाज को अब कांग्रेस मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले तक लेकर जाएगी।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक सरकार का पहला दायित्व यह होता है कि वह विद्यार्थियों को अधिकार संपन्न बनाए और उन्हें विश्वस्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराए। मध्य प्रदेश में आज ‘क्वालिटी एजुकेशन’ को लेकर ठोस पहल किए जाने की सख्त जरूरत है। पटवारी ने सत्ताधारी दल के नेताओं को सकारात्मक सोच के साथ विद्यार्थियों और युवाओं के बुनियादी सवालों पर बात करने की नसीहत दी।
‘2028 में बनेगी कांग्रेस सरकार, अभी मिठाई खा लीजिए’
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बयानों और तंज पर पलटवार करते हुए जीतू पटवारी ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल के लगभग दो साल यानी करीब 800 दिन ही शेष बचे हैं और जनता बदलाव का मन बना चुकी है। 2028 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी, इसलिए विरोधी अभी से मिठाई खा लें। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए भाजपा के कथित ‘कुकर्मों’ पर कटाक्ष किया और कहा कि जनता सब देख रही है।
युवाओं के रोजगार पर वैश्विक तुलना और प्रशासन को साधुवाद
पटवारी ने रोजगार के गंभीर संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय उदाहरण सामने रखे और कहा कि जहां अन्य देश एक घंटे में हजारों युवाओं को रोजगार देने का दावा करते हैं, वहीं हमारे यहां के शिक्षित युवा दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने कार्यक्रम के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए इंदौर की जनता, मीडिया, सिख समाज, आईडीए, पुलिस और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। साथ ही प्रशासनिक मशीनरी पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह इंदौर की परंपरा कभी नहीं रही कि विपक्ष का कोई बड़ा नेता शहर में आए तो उसके आयोजन में किसी प्रकार का व्यवधान पैदा किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि हमारा मकसद किसी का अनादर करना नहीं, बल्कि युवाओं के हक की लड़ाई लड़ना है।
