‘समुद्री नाकेबंदी हटाओ वरना निर्णायक जंग’: अमेरिका को ईरान की चेतावनी, भारत के एनर्जी रूट्स पर मंडराया संकट!
तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान ने वॉशिंगटन के साथ किसी भी तरह की बातचीत शुरू करने के लिए बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ईरान की सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि अमेरिका को ईरान के साथ किसी भी मेज पर बैठने से पहले उसकी सात शर्तों को स्वीकार करना ही होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखते हुए रेजाई ने स्पष्ट किया कि तेहरान का संदेश बेहद साफ है; यदि वॉशिंगटन अपने ही पैदा किए हुए भंवर से बाहर निकलना चाहता है और हालात को और अधिक बिगड़ने से रोकना चाहता है, तो उसके पास ईरान के अधिकारों और शर्तों को स्वीकार करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है।
मध्यस्थों के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचाई गईं शर्तें
ईरान की मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने पुष्टि की है कि युद्ध को समाप्त करने और कूटनीतिक संवाद की बहाली के लिए तेहरान ने अपनी शर्तें तय कर ली हैं। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए बातचीत का सिलसिला जारी है और दोनों देशों के प्रतिनिधियों को ईरान की मांगों से अवगत करा दिया गया है। कतर के मध्यस्थों ने ये शर्तें एक बार फिर औपचारिक रूप से वॉशिंगटन तक पहुंचा दी हैं और अब तेहरान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार है।
‘नेतन्याहू के बहकावे में आया अमेरिका, ट्रंप की धमकियां बेअसर’
रेजाई ने बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति का आकलन और उनकी गणना पूरी तरह गलत साबित हुई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा टकराव वास्तव में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा भड़काया गया युद्ध है, जिसमें अमेरिका बेवजह उलझ गया है। सुरक्षा अधिकारी ने साफ किया कि अगर अमेरिका इस युद्ध को रोकना चाहता है तो यह स्वयं उसके हित में होगा कि वह ईरान की शर्तों को स्वीकार करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रंप की ओर से दी जा रही धमकियों का कोई नतीजा नहीं निकलने वाला है, क्योंकि ईरान पीछे हटने की बजाय किसी भी निर्णायक युद्ध का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अमेरिकी कमजोरियों की पहचान और प्रमुख शर्तें
अल जजीरा के हवाले से रेजाई ने सैन्य तैयारियों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि ईरानी सेना को अमेरिकी सैन्य तंत्र की कमजोरियों की पूरी जानकारी है और अब वे किसी भी संभावित हवाई हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पहले से कहीं अधिक सक्षम हैं। पूर्व समझौतों से अमेरिका के पीछे हटने के कड़वे अनुभवों के बाद ईरान ने अपनी पूरी रक्षा रणनीति में बड़ा फेरबदल किया है। उन्होंने ईरान की मुख्य मांगों का जिक्र करते हुए रेखांकित किया कि शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध को तुरंत रोकना, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को तत्काल बहाल करना और समुद्री नाकेबंदी को पूरी तरह हटाना अनिवार्य रूप से शामिल है।
