‘मंच पर तो हत्या करने वाले भी बैठे हैं!’ BJP के मंच से अचानक क्यों दूर हो गईं इमरती देवी? सियासी हलकों में मची खलबली
ग्वालियर। ग्वालियर ग्रामीण में भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की समर्थक और पूर्व मंत्री इमरती देवी अपने तीखे बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। डबरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम के दौरान उस समय असहज स्थिति बन गई, जब मुख्य मंच के बैनर से इमरती देवी की तस्वीर नदारद दिखी। इस बात से नाराज पूर्व मंत्री ने मंच पर बैठने से साफ मना कर दिया और नीचे कार्यकर्ताओं के बीच बैठ गईं।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह और फिल्म ‘हनुमान अंश’ के गायक साधु तिवारी मुख्य रूप से मौजूद थे। सांसद कुशवाह ने माइक और इशारों से कई बार इमरती देवी को मंच पर आमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने ऊपर जाने से दो टूक मना कर दिया।
‘जो जिस हैसियत का है, वहीं बैठा है’— पूर्व मंत्री का तीखा कटाक्ष
मंच साझा न करने के सवाल पर इमरती देवी ने तल्ख लहजे में कहा कि वे भाजपा में किसी पद पर नहीं हैं, सिर्फ एक सामान्य कार्यकर्ता हैं और कार्यकर्ताओं के बीच ही बैठेंगी। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जो जिस हैसियत का है, वह अपनी हैसियत से अपने स्थान पर बैठा है। मंच पर तो हत्या करने वाले भी बैठे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनका सीधा इशारा भाजपा समर्थित नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी देवी के बेटे जीतू राजा की ओर था, जो मंच पर मौजूद थे और एक पुराने आपराधिक मामले में आरोपी रह चुके हैं। दरअसल, डबरा में इमरती देवी और नपा अध्यक्ष लक्ष्मी देवी के बीच लंबे समय से राजनीतिक खींचतान चल रही है।
‘इमरती देवी अपनी मर्जी की राजा है’
मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि वे सिंधिया जी और पार्टी की सच्ची सिपाही हैं तथा हमेशा अच्छे लोगों के साथ रहती हैं। सांसद के बार-बार बुलाने के बावजूद न जाने पर उन्होंने कहा कि मंच पर जो बैठे थे वे बड़े नेता थे। इमरती देवी अपनी मर्जी की राजा है, जहां उसका मन होगा वहीं जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने इशारों-इशारों में विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यह सब समय का खेल है। पहले किसी और का दौर था, वह खत्म हुआ; फिर दूसरे का आया, वह भी खत्म हुआ; अब जब तीसरे का समय आएगा तब सबको समझ आएगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में ओरछा में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति बैठक के दौरान भी वे कृष्णा गौर को मुख्यमंत्री बनने की बधाई देने वाले बयान को लेकर चर्चा में आई थीं।
सांसद बोले— ‘मुझे नाराजगी की वजह नहीं पता’
इस पूरे सियासी ड्रामे पर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें इमरती देवी की नाराजगी का कारण नहीं पता। उन्होंने कहा कि यह उनका कोई व्यक्तिगत विषय हो सकता है, इस बारे में संगठन के पदाधिकारियों से बात करनी चाहिए। सांसद ने कहा कि उन्होंने शिष्टाचार के नाते उन्हें कई बार मंच पर बुलाया, लेकिन वे नहीं आईं।
ग्वालियर ग्रामीण भाजपा में तीन धड़ों की जंग
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ग्वालियर ग्रामीण भाजपा वर्तमान में तीन स्पष्ट धड़ों में बंटी नजर आती है, पहला पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का गुट, दूसरा सांसद भारत सिंह कुशवाह का गुट और तीसरा पूर्व मंत्री इमरती देवी का गुट। लगातार हो रही कथित उपेक्षा को लेकर इमरती देवी के तेवर लगातार तल्ख बने हुए हैं, जिसने जिले से लेकर प्रदेश संगठन तक की चिंता बढ़ा दी है।
