‘पवित्र शहर पर हमला बेहद चिंताजनक!’ मक्का के पास हूती ड्रोन स्ट्राइक पर भड़का भारत, विदेश मंत्रालय ने की कड़ी निंदा

नई दिल्ली। सऊदी अरब के अत्यंत पवित्र शहर मक्का के निकट हुए ड्रोन हमले की घटना पर भारत ने बुधवार को गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत सरकार ने सऊदी अरब की संप्रभुता के उल्लंघन और नागरिक बुनियादी ढांचे को खतरे में डालने वाली इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पश्चिम एशिया क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई है।

विदेश मंत्रालय ने धार्मिक महत्व का दिया हवाला

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों पर बयान जारी करते हुए कहा कि मक्का के समीप घटित यह घटना दुनिया भर के करोड़ों लोगों की आस्था को देखते हुए विशेष रूप से गंभीर है।

प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मक्का के पास हुए ड्रोन हमले पर हमें गहरी चिंता है। भारत सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हमलों और नागरिकों के जीवन तथा बुनियादी ढांचे को खतरे में डालने वाली हर कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है। मक्का के पास हुई यह घटना विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का अत्यंत पवित्र महत्व है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत इस पूरे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का प्रबल समर्थक है।

सऊदी एयर डिफेंस ने हवा में ही मार गिराया ड्रोन

विदेश मंत्रालय का यह आधिकारिक बयान उस सैन्य कार्रवाई के बाद सामने आया है, जब सऊदी अरब की ‘रॉयल एयर डिफेंस फोर्स’ ने मंगलवार शाम मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा दागे गए एक विस्फोटक ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया।

यमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की बहाली के लिए गठित अरब गठबंधन सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि मंगलवार शाम लगभग 6:50 बजे रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्स ने मक्का के दक्षिणी हिस्से में इस ड्रोन को इंटरसेप्ट किया और उसे आसमान में ही मार गिराया, जिससे किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ।

‘उमराह यात्रियों और पवित्र स्थलों की सुरक्षा रेड लाइन’

जानकारी के अनुसार पवित्र शहर मक्का को निशाना बनाने का यह दूसरा प्रयास था। इससे पूर्व 27 जुलाई 2017 को भी बैलिस्टिक मिसाइल के माध्यम से ऐसा दुस्साहस किया गया था। उन्होंने इस हमले को आतंकी और शर्मनाक कृत्य करार देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य दुनिया भर के मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को आहत करना और पवित्र उमराह यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों में दहशत फैलाना था। गठबंधन सेना के प्रवक्ता ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि दो पवित्र मस्जिदों और उमराह जायरीनों की हिफाजत एक ‘रेड लाइन’ है और हूती मिलिशिया के ऐसे हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सभी आवश्यक और कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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