आत्मानंद स्कूल में शौचालय के लिए सड़क पर उतरे बच्चे, ‘सुशासन’ पर उठे सवाल; दुर्ग में छात्रों ने किया चक्काजाम

आत्मानंद स्कूल

दुर्ग : छत्तीसगढ़ में सरकार के सुशासन के दावों के बीच दुर्ग जिले से शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। दुर्ग के सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र-छात्राओं को पर्याप्त शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा की मांग को लेकर सड़क पर उतरना पड़ा। विद्यार्थियों ने दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर अपनी नाराजगी जताई। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस स्कूल में बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं देने का दावा किया जाता है, वहां विद्यार्थियों को शौचालय जैसी मूलभूत जरूरत के लिए आंदोलन क्यों करना पड़ रहा है?

सांसद से शिक्षा मंत्री तक पहुंची बात, फिर भी नहीं मिला समाधान

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या स्थानीय स्तर से लेकर सांसद और शिक्षा मंत्री तक पहुंचाई, लेकिन उन्हें अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले। समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने के बाद आखिरकार छात्रों को सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद करनी पड़ी। छात्रों का कहना है कि स्कूल में उपलब्ध शौचालय विद्यार्थियों की संख्या के लिहाज से पर्याप्त नहीं हैं। इससे उन्हें रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है।

‘सुशासन’ में बच्चों को शौचालय के लिए चक्काजाम!

सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्कूलों में सुविधाओं के विस्तार के दावे लगातार किए जाते हैं। लेकिन सेलूद की घटना इन दावों पर ही सवाल खड़े कर रही है। विडंबना देखिए—बच्चों के हाथ में किताबें होनी चाहिए थीं, लेकिन अपनी बुनियादी जरूरत के लिए उन्हें सड़क पर उतरकर चक्काजाम करना पड़ा। वहीं, यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि प्रदर्शन शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले दुर्ग में हुआ है। ऐसे में विपक्षी दल और राजनीतिक संगठन इसे सरकार के शिक्षा मॉडल और सुशासन के दावों से जोड़कर सवाल उठा सकते हैं।

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बच्चों ने कहा- आश्वासन नहीं, चाहिए समाधान

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों की मांग स्पष्ट है कि स्कूल में पर्याप्त और सुविधाजनक शौचालय की व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए। छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से समस्या का समाधान चाहते हैं, लेकिन बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। बच्चों का सड़क पर उतरना यह सवाल भी खड़ा करता है कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की निगरानी और व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

स्वामी आत्मानंद स्कूलों की व्यवस्था पर भी सवाल

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की शुरुआत बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। ऐसे में किसी आत्मानंद स्कूल के विद्यार्थियों का शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा के लिए चक्काजाम करना व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। अब जरूरत आश्वासन देने की नहीं, बल्कि स्कूल में पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था कर बच्चों की समस्या का स्थायी समाधान करने की है।

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