मोदी सरकार की इस एक मुहर से बदल जाएगी लद्दाख की तस्वीर, जानिए गृहमंत्री ने क्या दी है सबसे बड़ी खुशखबरी?
लद्दाख। लद्दाख के दूरदराज इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत और खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लद्दाख में जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की एक नई बेंच स्थापित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को इस अहम फैसले की जानकारी देते हुए इसे लद्दाख के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
लद्दाख के लोगों के लिए न्याय पाना होगा आसान
इस नई बेंच के स्थापित होने से लद्दाख के आम नागरिकों को सीधे तौर पर न्यायिक कार्यों में बड़ी सहूलियत मिलेगी:
समय और धन की बचत: अब तक कानूनी मामलों और अपीलों के लिए लोगों को मीलों दूर जाना पड़ता था। स्थानीय बेंच बनने से सफर में लगने वाला समय, मेहनत और पैसा, तीनों की बचत होगी।
मामलों का तेज निपटारा: अदालत की पहुंच नजदीक होने से लंबित मुकदमों और मामलों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा।
बेहतर सुविधाएं: सरकार का मुख्य मकसद लद्दाख के लोगों को उनके दरवाजे पर बेहतर और सुलभ न्यायिक सुविधाएं मुहैया कराना है।
J&K और लद्दाख हाई कोर्ट की छुट्टियों में अहम बदलाव
एक अन्य अहम अपडेट के तहत, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के कैलेंडर में छुट्टियों को लेकर कुछ नए बदलाव किए गए हैं। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल एम. के. शर्मा द्वारा एक नई अधिसूचना जारी की गई है। 25 अगस्त 2026 जिसे पहले ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर अवकाश घोषित किया गया था, अब माननीय न्यायालय के लिए “नॉन-सिटिंग डे” रहेगा। इसके बदले 26 अगस्त 2026 को हाई कोर्ट में अवकाश घोषित किया गया है।
इस बदलाव को संतुलित करने के लिए, 19 दिसंबर 2026 जिसे पहले आदेश के तहत नॉन-सिटिंग डे घोषित किया गया था, को अब एक नियमित कार्य दिवस के रूप में रखा गया है। इस व्यवस्था से न्यायालय का कामकाज सुचारू रूप से जारी रहेगा।
