Raipur Blue Water Accident: एक छोर से दूसरे छोर तक जाने की शर्त पड़ी भारी, युवक की मौत
Raipur Blue Water Accident: नवा रायपुर के नकटी स्थित ब्लू वाटर में दोस्तों के साथ पहुंचा था युवक, गहरे पानी में डूबने के बाद SDRF ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
Raipur Blue Water Accident: दोस्तों के साथ घूमने पहुंचा युवक आखिर क्यों गहरे पानी में उतर गया? एक छोटी सी शर्त ने देखते ही देखते खुशियों को मातम में बदल दिया। नवा रायपुर के ब्लू वाटर हादसे का वीडियो सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूरी घटना और यहां पहले हो चुके हादसों की पूरी कहानी पढ़िए।
Raipur Blue Water Accident: नवा रायपुर के माना थाना क्षेत्र स्थित नकटी के चर्चित ब्लू वाटर में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। दोस्तों के साथ घूमने पहुंचे एक युवक की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, युवक अपने दोस्तों के साथ ब्लू वाटर घूमने पहुंचा था। इसी दौरान पानी के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने की शर्त लग गई। बताया जा रहा है कि आदिल और उसका एक दोस्त पानी में कूदे, लेकिन गहरे पानी में जाने के बाद आदिल वापस बाहर नहीं आ सका।
SDRF ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सुबह से ही टीम पानी के भीतर युवक की तलाश में जुटी हुई है।
Raipur Blue Water Accident के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। घटना का लाइव वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है।
ब्लू वाटर में पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
नकटी स्थित इस जलभराव वाली खदान में डूबने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2017 से अब तक यहां डूबने से 9 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। अगर आदिल की मौत की पुष्टि होती है, तो करीब नौ साल में यह यहां डूबने से होने वाली 10वीं मौत हो सकती है।
अक्टूबर 2025 में भी दो छात्रों जयेश साहू और मृदुल के गहरे पानी में डूबने की घटना सामने आई थी। इसके बाद दिसंबर 2025 में भी इसी खदान में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था।
350 से 400 फीट तक गहरी है खदान
बताया जाता है कि ब्लू वाटर की यह जलभराव वाली खदान करीब 350 से 400 फीट गहरी है। इतनी गहराई और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव के कारण यहां लोगों का पानी में उतरना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
लगातार हो रहे हादसों ने एक बार फिर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि आखिर कब तक लोग रोमांच या शर्त के नाम पर अपनी जान जोखिम में डालते रहेंगे और कब इस खतरनाक जगह पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे?
