वंदे मातरम पर मध्य प्रदेश में गरमाई सियासत: CWC के फैसले के बाद बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

भोपाल। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में ‘वंदे मातरम’ के केवल शुरुआती दो पैराग्राफ ही गाने के फैसले ने मध्य प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है। राष्ट्रगीत को लेकर भोपाल में बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है। एक ओर बीजेपी इसे कांग्रेस का ‘राष्ट्र विरोधी चरित्र’ बता रही है, तो वहीं कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं को ही पूरा राष्ट्रगीत सुनाने की चुनौती दे डाली है।

कांग्रेस का वार: ‘क्या बीजेपी के लोगों को आता है पूरा वंदे मातरम?’

बीजेपी के इन तीखे हमलों का जवाब देने के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मोर्चा संभाला। सिंघार ने बीजेपी पर राष्ट्रवाद के नाम पर खोखली राजनीति करने का आरोप लगाया।

उमंग सिंघार ने चुनौती देते हुए कहा कि बीजेपी के कितने लोगों को पूरा वंदे मातरम आता है? देश में लाखों-करोड़ों लोग ऐसे हैं जिन्हें पूरा वंदे मातरम नहीं आता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे भारतीय नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि इस तरह के बेवजह के विवादों से हटकर हमें सिर्फ इस बात पर गर्व होना चाहिए कि हम सभी भारतीय हैं।

कांग्रेस का तर्क है कि वह वर्षों पुरानी अपनी परंपरा का ही पालन कर रही है, जिसके तहत वंदे मातरम के शुरुआती दो पैराग्राफ गाए जाते रहे हैं, लेकिन बीजेपी इसे सांप्रदायिक रंग देकर राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रही है।

बीजेपी का तीखा हमला: ‘कांग्रेस में प्रवेश कर गई है जिन्ना की आत्मा’

बीजेपी के फायरब्रांड विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के इस फैसले पर बेहद आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस की तुलना मुस्लिम लीग से करते हुए कहा कि पार्टी विरोध करते-करते अब देश और राष्ट्रगीत का विरोध करने लगी है।

रामेश्वर शर्मा ने कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस का चरित्र पूरे देश के सामने आ गया है। जिन्ना के मरने के बाद उनकी आत्मा अगर किसी में प्रवेश कर गई है, तो वह कांग्रेस है।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, राम और सनातन का सम्मान करे, अन्यथा उसके बुरे दिन आ गए हैं। शर्मा ने नसीहत दी कि वंदे मातरम गाते समय लोग देश की सांस्कृतिक विरासत के दर्शन करते हैं, इसलिए कांग्रेस मुस्लिमों की आवाज बनने के बजाय पूरे देश की आवाज बने।

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