14 अगस्त को सड़कों पर उतरीं, आज मना रहीं जश्न… पढ़िए उज्जैन की इन ‘ Gen Alpha’ बेटियों के संघर्ष की कहानी

उज्जैन। यह सच है कि जब ‘युवा शक्ति’ और हक की आवाज एकजुट होती है, तो बड़े-बड़े फैसलों को भी बदलना पड़ जाता है। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में ‘जेन अल्फा’ (Gen Alpha) की छात्राओं ने अपनी ऐतिहासिक एकजुटता से इसे सच साबित कर दिखाया है।

शासकीय सराफा कन्या उच्चतर विद्यालय की छात्राओं के जोरदार विरोध प्रदर्शन के सामने आखिरकार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को झुकना पड़ा है। प्रशासन ने अपना फैसला वापस लेते हुए ऐलान किया है कि महाकाल मंदिर के पास स्थित सराफा बालिका विद्यालय को अब किसी भी अन्य स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।

2 नए CM राइज स्कूलों का भी मिला तोहफा

छात्राओं की मांगों को मानते हुए प्रशासन ने न सिर्फ उनका पुराना स्कूल उन्हें लौटाया है, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत करने का वादा किया है। इसके तहत शहर के उत्तम नगर और मुरलीपुरा क्षेत्रों में दो नए सीएम राइज स्कूल खोलने की बड़ी घोषणा की गई है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि भविष्य में अगर कोई नया निर्माण होता भी है, तो वह इसी स्कूल के आसपास किया जाएगा।

4 दिन पहले सड़क पर उतरी थीं बेटियां, वायरल हुए थे वीडियो

दरअसल, इस पूरे मामले ने 14 अगस्त को तब तूल पकड़ा था, जब स्कूल शिफ्टिंग के आदेश के विरोध में सराफा विद्यालय की छात्राएं सड़कों पर उतर आई थीं। अपनी पढ़ाई और स्कूल से लगाव को बचाने के लिए इन बेटियों ने सीधे कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर दिया था।

प्रदर्शन के दौरान स्कूल बचाने की गुहार लगाती और रोती-बिलखती छात्राओं के भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए थे। इसके बाद देशभर से इन ‘जेन अल्फा’ बेटियों को जबरदस्त जनसमर्थन और सहानुभूति मिलने लगी थी।

सांसद बोले- ‘मुझे बेटियों का दर्द पता है…’

छात्राओं के बढ़ते आंदोलन को देखते हुए उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, निगम अध्यक्ष कलावती यादव, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष खुद स्कूल परिसर पहुंचे।

नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने सीधे छात्राओं के बीच जाकर उनकी सभी मांगें स्वीकार करने का ऐलान किया। छात्राओं को आश्वस्त करते हुए सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि मेरी भी दो बेटियां हैं और मुझे बेटियों का दर्द बहुत अच्छे से पता है। मैं शुरू से ही आप बच्चियों के साथ था। यह स्कूल कहीं स्थानांतरित नहीं होगा, आपकी सभी मांगें मान ली गई हैं।

वहीं, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने भी भरोसा दिलाया कि बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा में किसी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी।

छात्राओं के चेहरे पर लौटी खुशी की मुस्कान

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के इस फैसले के बाद कई दिनों से तनाव में चल रहीं छात्राओं के चेहरों पर जीत की खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। अपनी मांगें पूरी होने पर छात्राओं ने स्कूल परिसर में ही जश्न मनाया और अधिकारियों व नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन ने शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को समझा, इसके लिए वे धन्यवाद देती हैं।

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