Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से फिर गायब रहे राहुल-खरगे! जानिए क्यों गहराया विवाद?

नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान विपक्ष की गैरमौजूदगी ने एक बार फिर सियासी हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार दूसरे साल लाल किले पर आयोजित मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए।

गौरतलब है कि आधिकारिक ‘टेबल ऑफ प्रेसीडेंस’ के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के ठीक बाद पहली पंक्तियों में बैठने का स्थान दिया जाता है। इसके बावजूद दोनों शीर्ष विपक्षी नेताओं की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है।

2024 में ‘सिटिंग अरेंजमेंट’ को लेकर हुआ था बड़ा विवाद

दरअसल, स्वतंत्रता दिवस 2024 के समारोह में राहुल गांधी के बैठने की व्यवस्था को लेकर भारी राजनीतिक बवाल हुआ था:

विपक्ष का आरोप: राहुल गांधी को तय प्रोटोकॉल के विपरीत दूसरी आखिरी पंक्ति में बैठाया गया था, जिसे विपक्ष ने जनता और नेता प्रतिपक्ष के पद का अपमान बताया था।

रक्षा मंत्रालय की सफाई: कार्यक्रम के आयोजक रक्षा मंत्रालय ने तब सफाई दी थी कि पेरिस ओलंपिक 2024 से लौटे भारतीय एथलीटों को अग्रिम पंक्ति में सम्मानित करने और जगह देने के कारण बैठने के क्रम में अस्थायी बदलाव किया गया था।

मानसून सत्र के तीखे तनाव की पृष्ठभूमि

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का लाल किले पर न पहुंचना हाल ही में संपन्न हुए संसद के मानसून सत्र (2026) के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच उपजे तीखे तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुए इस सत्र में 12 बिल पास हुए, लेकिन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर सदन न चलने देने के आरोप लगाए।

सत्र समापन के बाद भी तल्खी बरकरार रही, जहाँ कांग्रेस, टीएमसी और समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला द्वारा आयोजित पारंपरिक ‘चाय पार्टी’ का भी बहिष्कार कर दिया था।

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