स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: 10 दिन से आंदोलन जारी, अब रायपुर कूच की तैयारी
जगदलपुर: डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब और तेज होने के संकेत हैं। करीब 10 दिनों से आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद अब तक शासन की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। ऐसे में अगर जल्द उनकी मांग पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो डॉक्टर रायपुर पहुंचकर सीधे सरकार के सामने अपनी बात रखने की तैयारी कर रहे हैं। इसी सिलसिले में गुरुवार, 13 अगस्त को इंटर्न डॉक्टर अपनी मांग को लेकर जगदलपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने की कोशिश की।
कलेक्टर से मुलाकात नहीं, अपर कलेक्टर ने लिया ज्ञापन
इंटर्न डॉक्टरों की कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद अपर कलेक्टर ने डॉक्टरों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने समेत अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन अपर कलेक्टर को सौंपा। प्रशासन की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया कि ज्ञापन को शासन स्तर पर संबंधित अधिकारियों तक भेजा जाएगा। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांग पर अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय की जरूरत है।
लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
इंटर्न डॉक्टरों के मुताबिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर पहले भी कई बार शासन को पत्र भेजे जा चुके हैं। अलग-अलग माध्यमों से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के बावजूद अभी तक इस पर फैसला नहीं हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा स्टाइपेंड उनकी जरूरतों के लिहाज से पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से वे लंबे समय से इसमें बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।
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11 अगस्त को निकाली थी रैली
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों ने 11 अगस्त को जगदलपुर में रैली भी निकाली थी। रैली के जरिए उन्होंने अपनी मांग को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने की कोशिश की थी। रैली के बाद भी मांग पर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आने से इंटर्न डॉक्टरों में नाराजगी बनी हुई है।
अब रायपुर जाने का ऐलान
स्थानीय स्तर पर मांग का समाधान नहीं होने पर अब इंटर्न डॉक्टरों ने आंदोलन को अगले स्तर पर ले जाने के संकेत दिए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर जल्द शासन की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो वे रायपुर पहुंचकर सरकार के सामने अपनी मांग रखेंगे। हालांकि, रायपुर जाने की तारीख अभी तय नहीं की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि आगे की रणनीति शासन के रुख के आधार पर तय की जाएगी।
फैसला शासन स्तर पर ही संभव
वहीं जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का फैसला जिला स्तर पर नहीं लिया जा सकता। यह निर्णय शासन स्तर पर संबंधित विभाग और सक्षम अधिकारियों द्वारा ही किया जाना है। प्रशासन की भूमिका फिलहाल डॉक्टरों से प्राप्त ज्ञापन को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने तक सीमित है।
मांग पूरी नहीं हुई तो बढ़ सकता है आंदोलन
करीब 10 दिनों से जारी आंदोलन और लगातार ज्ञापन व प्रदर्शन के बावजूद समाधान नहीं निकलने से अब इंटर्न डॉक्टरों का रुख और सख्त होता नजर आ रहा है। अगर शासन की ओर से जल्द स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया जाता है, तो रायपुर में प्रदर्शन या सरकार के सामने सीधे मांग रखने की संभावना बढ़ सकती है। फिलहाल इंटर्न डॉक्टरों की नजर शासन के अगले कदम पर है।
