World Tribal Day पर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान! BJP नेता के बयान पर भड़की कांग्रेस

World Tribal Day पर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान

छत्तीसगढ़ में विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष विकास मरकाम की ओर से आदिवासी दिवस नहीं मनाने की अपील किए जाने को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पोस्ट के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और विपक्षी नेताओं ने इसे आदिवासी समाज के अधिकारों और सम्मान से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं।

हर साल 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में आदिवासी समुदायों की संस्कृति, पहचान, अधिकार और उनके सामने मौजूद सामाजिक चुनौतियों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जाते हैं। छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बहुल राज्य में इस दिवस का राजनीतिक और सामाजिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

विकास मरकाम के पोस्ट पर क्यों मचा विवाद?

विवाद की शुरुआत भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष विकास मरकाम की ओर से विश्व आदिवासी दिवस नहीं मनाने की अपील से हुई। उनके इस रुख को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस का कहना है कि जब पूरी दुनिया आदिवासी समाज की संस्कृति, पहचान और अधिकारों के सम्मान के लिए यह दिवस मना रही है, तो भाजपा नेता की ओर से इसे नहीं मनाने की अपील क्यों की जा रही है।

इस मुद्दे ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंच तक बहस को तेज कर दिया है। हालांकि भाजपा नेता के बयान को लेकर पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर क्या रुख है, यह अलग से स्पष्ट किया जाना बाकी है।

दीपक बैज ने सरकार पर साधा निशाना

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने इस विवाद को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर आदिवासी समाज के अधिकारों और सम्मान की बात होनी चाहिए।

बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में आदिवासी समाज लगातार उपेक्षा का सामना कर रहा है और उसे उसके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आदिवासी मुख्यमंत्री वाले राज्य में सरकार विश्व आदिवासी दिवस क्यों नहीं मना रही है।

कांग्रेस नेता ने आदिवासी समाज के मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर भी घेरा

कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए भी भाजपा पर निशाना साधा। पार्टी ने विकास मरकाम के कथित रुख को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जब दुनिया भर में आदिवासी समाज की संस्कृति, पहचान और अधिकारों के सम्मान में विश्व आदिवासी दिवस मनाया जा रहा है, तो भाजपा नेताओं को इसे लेकर आपत्ति क्यों है।

कांग्रेस ने इस मुद्दे को आदिवासी सम्मान और अधिकारों से जोड़ते हुए भाजपा से जवाब मांगा है।

संजय सिंह ने भी साधा निशाना

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस के रुख का समर्थन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार पर आदिवासी समाज के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

संजय सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार को केंद्र के गृह मंत्री चला रहे हैं और आदिवासियों तथा छत्तीसगढ़ के लोगों का हक मारा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासी समाज के अधिकारों की पर्याप्त रक्षा नहीं हो रही है।

उन्होंने जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि आदिवासी समाज में इसे लेकर नाराजगी है। संजय सिंह ने मुख्यमंत्री से आदिवासी समाज से माफी मांगने की मांग भी की।

CG BJP Leader on World Tribal Day

आदिवासी दिवस पर क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?

छत्तीसगढ़ की राजनीति में आदिवासी समाज बेहद महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। प्रदेश के कई जिले आदिवासी बहुल हैं और जल, जंगल, जमीन, वनाधिकार, रोजगार तथा विस्थापन जैसे मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक बहस के केंद्र में रहे हैं।

ऐसे में विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर भाजपा नेता के कथित बयान ने राजनीतिक दलों को सरकार को घेरने का मौका दे दिया है। कांग्रेस और AAP इसे आदिवासी सम्मान और अधिकारों से जोड़कर सरकार पर हमला कर रहे हैं, जबकि अब निगाहें भाजपा की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

फिलहाल एक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ यह विवाद छत्तीसगढ़ की सियासत में बड़ा मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में भाजपा की ओर से इस मामले पर सफाई या प्रतिक्रिया सामने आती है तो राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।

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