PM Modi Foreign Visit Cost: PM मोदी के विदेशी दौरों का पूरा लेखा-जोखा, जानिए किस यात्रा पर कितना हुआ खर्च
PM Modi Foreign Visit Cost: राज्यसभा में सरकार ने बताया कि 2026 में अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर 74.58 करोड़ रुपये खर्च हुए
PM Modi Foreign Visit Cost: प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरों पर आखिर कितना खर्च हुआ? किस देश की यात्रा सबसे महंगी रही और इन दौरों से भारत को क्या मिला? संसद में पेश हुए आधिकारिक आंकड़ों ने कई अहम बातें साफ कर दी हैं। जानिए पूरी रिपोर्ट।
PM Modi Foreign Visit Cost 2026: संसद में सामने आया पूरा हिसाब, नॉर्वे दौरा सबसे महंगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों पर होने वाले खर्च को लेकर सरकार ने संसद में विस्तृत जानकारी साझा की है। राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने लिखित उत्तर में बताया कि वर्ष 2026 में अब तक प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं पर 74.58 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया जा चुका है। वहीं जुलाई 2021 से अब तक उनके सभी विदेशी दौरों पर कुल खर्च 550 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है।
2026 में नॉर्वे यात्रा पर हुआ सबसे ज्यादा खर्च
सरकार के अनुसार, वर्ष 2026 में जिन विदेशी दौरों का खर्च उपलब्ध है, उनमें मई महीने में हुए पांच देशों के दौरे के दौरान नॉर्वे यात्रा सबसे महंगी रही, जिस पर करीब 17.46 करोड़ रुपये खर्च हुए।
विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 की कुछ यात्राओं का खर्च अभी प्रोविजनल (अस्थायी) है। सभी बिलों के निपटारे के बाद अंतिम आंकड़े जारी किए जाएंगे। जून में हुई फ्रांस यात्रा का खर्च भी अभी अंतिम रूप से जोड़ा जाना बाकी है।
पिछले वर्षों में कितना हुआ खर्च?
विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर हुए खर्च का विवरण इस प्रकार है:
2026 (अब तक): 74.58 करोड़ रुपये
2025: 180 करोड़ रुपये से अधिक
2024: 109 करोड़ रुपये
2023: 93 करोड़ रुपये
2022: 55 करोड़ रुपये
2021: 36 करोड़ रुपये
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पिछले कुछ वर्षों में विदेश यात्राओं की संख्या और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भारत की सक्रिय भागीदारी के साथ खर्च में भी बदलाव देखने को मिला है।

विदेश दौरों में हुए 316 समझौते
सरकार ने बताया कि जुलाई 2021 से अब तक प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी दौरों के दौरान 316 समझौता ज्ञापनों (MoUs) और विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
ये समझौते कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं, जिनमें:
रक्षा सहयोग
व्यापार और निवेश
डिजिटल टेक्नोलॉजी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
सेमीकंडक्टर
नवीकरणीय ऊर्जा
स्वास्थ्य
शिक्षा
कृषि
अंतरिक्ष सहयोग
जलवायु परिवर्तन
संस्कृति
रोजगार और प्रवासन
शामिल हैं।
सरकार ने बताई विदेश दौरों की अहमियत
विदेश मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री के विदेश दौरे भारत के द्विपक्षीय और वैश्विक संबंधों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन यात्राओं के जरिए निवेश आकर्षित करने, व्यापार बढ़ाने, रक्षा सहयोग मजबूत करने और नई तकनीकों में साझेदारी को बढ़ावा मिलता है।
मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच भारत को 381.8 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त हुआ, जिसे सरकार ने वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती आर्थिक विश्वसनीयता का संकेत बताया है।
