E20 फ्यूल के विरोध में AAP का प्रदर्शन: पीएम आवास मार्च के दौरान रोके गए अरविंद केजरीवाल
नई दिल्ली। E20 ईंधन नीति के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च को दिल्ली पुलिस ने फिरोजशाह रोड पर रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, जैस्मिन शाह समेत कई नेता और कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए।
2.30 लाख लोगों के समर्थन का दावा
AAP का कहना है कि देशभर से 2.30 लाख से अधिक नागरिकों ने E20 नीति के खिलाफ हस्ताक्षर कर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। पार्टी इन सभी याचिकाओं को प्रधानमंत्री तक पहुंचाना चाहती थी, लेकिन पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने के कारण प्रतिनिधिमंडल आगे नहीं बढ़ सका। केजरीवाल ने बताया कि सभी पत्र पुलिस अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय भेज दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री से मुलाकात की जताई उम्मीद
धरने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने पहले भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर E20 नीति पर चर्चा के लिए समय मांगा था, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री जनता की चिंताओं को सुनेंगे और मुलाकात का समय देंगे।
E20 नीति पर सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर E20 नीति को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति से आम उपभोक्ताओं और वाहन मालिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर व्यापक जनचर्चा और पारदर्शिता की आवश्यकता है।
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‘NEET आंदोलन से भी बड़ा अभियान’ चलाने का आह्वान
AAP प्रमुख ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि E20 नीति पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो इसे लेकर देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने लोगों से इस अभियान में जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह मुद्दा लाखों वाहन चालकों और आम नागरिकों से जुड़ा हुआ है।
AAP की प्रमुख मांगें
पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को सामान्य पेट्रोल और E20 पेट्रोल दोनों का विकल्प उपलब्ध कराया जाए। साथ ही E20 ईंधन की कीमतों की समीक्षा कर आम लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव को कम करने की भी मांग की गई है।
