Rahul Gandhi Press Conference: पेपर लीक बिल पास होने के बाद राहुल गांधी का प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा दावा
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पास होने के बाद Rahul Gandhi ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए
क्या दिल्ली में छात्रों पर वास्तव में पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ? संसद से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस तक Rahul Gandhi ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। आखिर क्या कहा राहुल गांधी ने और किस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा? जानिए पूरी रिपोर्ट।
Rahul Gandhi Press Conference: छात्रों के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर राहुल गांधी का बड़ा हमला
Rahul Gandhi Press Conference: लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ ध्वनि मत से पारित होने के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उन पर कथित तौर पर पैलेट गन चलाई गई और पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की। राहुल गांधी ने इस पूरे मामले के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की।
लोकसभा में हुई लंबी चर्चा, फिर पास हुआ बिल
पेपर लीक से जुड़े लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर संसद में मंगलवार को करीब नौ घंटे तक चर्चा हुई। बुधवार को राहुल गांधी ने विपक्ष की ओर से लगभग 50 मिनट तक अपनी बात रखी। हंगामे के बीच अंततः यह विधेयक ध्वनि मत से पारित हो गया।
बिल पास होने के बाद राहुल गांधी ने संसद परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की कार्यशैली और छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई पर सवाल उठाए।
‘छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई’
Rahul Gandhi ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने घायल छात्रों से जुड़े AIIMS के मेडिकल दस्तावेज देखे हैं। राहुल गांधी का आरोप था कि उन्हें संसद के भीतर इस मुद्दे पर खुलकर बोलने का अवसर नहीं दिया गया और उनकी बात बार-बार रोकी गई।
उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अमित शाह को बताया जिम्मेदार
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं। उनका कहना था कि दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती हैं, इसलिए इस कार्रवाई की जिम्मेदारी भी गृह मंत्रालय की बनती है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद अमित शाह को अपने पद से हटाया जाना चाहिए।

‘लाठियों में कील लगाकर मारा गया’
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। उनके अनुसार छात्रों और महिलाओं के साथ भी मारपीट हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बिना पुलिस की वर्दी के मौजूद थे और दावा किया कि वे संभवतः आरएसएस या भाजपा से जुड़े हो सकते हैं।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित एजेंसियों या सरकार की ओर से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के संदर्भ में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
गृह मंत्री को पत्र लिखने का भी दावा
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भी लिखा था, लेकिन उन्हें अब तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है और इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद छात्र आंदोलन, पेपर लीक विवाद और संसद में पारित नए कानून को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
