झारखंड-बिहार के मोस्ट वांटेड नक्सली मिसिर बेसरा कोबरा-209 के हत्थे चढ़ा, सरकार ने रखा था 1 करोड़ का इनाम
धनबाद-गिरिडीह सीमा के जंगल से गिरफ्तार, दो अन्य माओवादी भी पकड़े गए, 16 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
धनबाद। झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए झारखंड, बिहार और कई राज्यों के मोस्ट वांटेड नक्सली केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा को गिरफ्तार किया है। उस पर शासन ने 1 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा था। साथ ही जवानों ने दो अन्य नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया है।
जंगल में घेराबंदी कर किया गिरफ्तार
खुफिया एजेंसियों को उसकी लोकेशन के बारे में पता चला, जिसके बाद झारखंड पुलिस और कोबरा-209 ने संयुक्त घेराबंदी कर मंगलवार की देर रात धनबाद और गिरिडीह की सीमा क्षेत्र मनियाडीह के जंगल से उसे दबोच लिया। मिसिर बेसरा के साथ उसके दो अन्य माओवादी भी गिरफ्तार किए गए हैं।
लंबे समय से था सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर
मिसिर बेसरा लंबे समय से मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उस पर झारखंड सहित कई राज्यों में नक्सली हिंसा और सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश रचने के गंभीर आरोप हैं। उसकी गिरफ्तारी से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है।
16 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले मंगलवार को 16 माओवादियों ने झारखंड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। इनमें से छह माओवादियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में संतोष महतो उर्फ बासुदेव दा उर्फ दिलीप भी शामिल है, जो 128 मामलों में वांछित था और उस पर 15 लाख रुपये का इनाम था।
Read more-
