Delhi Assembly Security Breach: दिल्ली विधानसभा सुरक्षा चूक पर बड़ा एक्शन, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

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Delhi Assembly Security Breach: सरबजीत सिंह के कार से विधानसभा परिसर में घुसने के मामले में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, उच्च स्तरीय जांच जारी

Delhi Assembly Security Breach: दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा चूक के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। कार से अंदर घुसकर स्पीकर की गाड़ी में गुलदस्ता रखने वाले सरबजीत सिंह की जांच जारी है। जानिए कैसे हुई सुरक्षा में चूक, पुलिस की लापरवाही और मामले की पूरी कहानी।

Delhi Assembly Security Breach: दिल्ली विधानसभा सुरक्षा चूक पर बड़ा एक्शन, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज; जांच जारी

Delhi Assembly Security Breach: दिल्ली विधानसभा में हुई सुरक्षा चूक के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। आरोपी सरबजीत सिंह सोमवार को अपनी कार से विधानसभा परिसर में दाखिल हो गया था। उसने वीआईपी एंट्री के लिए निर्धारित गेट नंबर-2 से लोहे के बड़े दरवाजे को टक्कर मारते हुए बूम बैरियर तोड़ दिया और अपनी कार अंदर ले गया।

इसके बाद उसने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की गाड़ी में गुलदस्ता और गेंदे के फूलों की माला रखी और उसी रास्ते से फरार हो गया। इस घटना ने विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल

घटना के बाद मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह सामने आया है कि घटना के समय सरबजीत सिंह अकेला ही विधानसभा परिसर में दाखिल हुआ था। शुरुआती जांच में उसके नशे की हालत में होने की बात भी सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार, घटना के दौरान गेट नंबर-1 पर दिल्ली पुलिस सुरक्षा यूनिट के करीब 10 से 12 जवान तैनात थे, जबकि वीआईपी गेट नंबर-2 पर सीआरपीएफ का एक जवान मौजूद था। सुरक्षा में तैनात कर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

सीआरपीएफ जवान ने दी थी चेतावनी, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई

जांच में सामने आया है कि जब सरबजीत सिंह गुलदस्ता रखकर कार से भाग रहा था, तब सीआरपीएफ के जवान ने गेट नंबर-1 पर तैनात दिल्ली पुलिस के जवानों को आवाज लगाकर कार सवार को पकड़ने के लिए कहा था।

आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। इसी लापरवाही को सुरक्षा चूक का बड़ा कारण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

सभी पुलिसकर्मियों के निलंबन की चर्चा

मामले में खबर सामने आई कि विधानसभा सुरक्षा में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, सुरक्षा यूनिट के अधिकारियों ने कहा है कि फिलहाल मामले की सामूहिक रूप से जांच की जा रही है और जिनकी लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

500 से ज्यादा CCTV कैमरों की जांच

दिल्ली पुलिस ने घटना की जांच के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की है। विधानसभा के आसपास करीब 4 से 5 किलोमीटर के क्षेत्र में लगे 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है।

जांच में अभी तक यह सामने नहीं आया है कि सरबजीत सिंह किसी साजिश के तहत विधानसभा अध्यक्ष का पीछा करते हुए वहां पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक, वह पहले से विधानसभा अध्यक्ष को नहीं जानता था और इससे पहले कभी विधानसभा परिसर नहीं आया था।

आरोपी को 8 दिन की पुलिस रिमांड

सरबजीत सिंह को गिरफ्तार कर तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पूछताछ के लिए 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कार को खतरनाक तरीके से चलाया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसका असली मकसद क्या था और वह विधानसभा परिसर तक कैसे पहुंचा।

गुलदस्ता खरीदकर लाया था आरोपी

पूछताछ में सरबजीत ने बताया कि वह चंडीगढ़ से दिल्ली आते समय पानीपत में सड़क किनारे एक दुकान से गुलदस्ता और गेंदे की माला लेकर आया था। उसका कहना था कि वह इसे गुरुद्वारे में चढ़ाने या अपने लापता भांजे को ढूंढने में मदद करने वाले पुलिस अधिकारियों को देने के लिए लाया था।

विधानसभा अध्यक्ष की गाड़ी में गुलदस्ता रखने के बाद वह सिविल लाइंस इलाके में चला गया। वहां उसने एक टैक्सी चालक से मदद मांगी और रूप नगर तक छोड़ने को कहा।

टैक्सी चालकों की मदद से पहुंचा, फिर पुलिस ने पकड़ा

सरबजीत ने टैक्सी चालकों को दो हजार रुपये देने की पेशकश भी की थी, लेकिन उन्होंने पैसे लेने से इनकार कर दिया। इसी दौरान दिल्ली पुलिस के एप पर कार की तस्वीर पहुंचने के बाद पूरे इलाके में जांच तेज कर दी गई।

रूप नगर इलाके में नानक प्याऊ के पास पुलिस ने उसकी कार को रोक लिया और सरबजीत को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद दोनों टैक्सी चालकों की किसी भी तरह की संलिप्तता नहीं मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया।

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मानसिक स्वास्थ्य और पुराने सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सरबजीत का मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा है। बताया गया है कि वह पिछले कुछ समय से दवा नहीं ले रहा था और कई दिनों से ठीक से सोया भी नहीं था।

इसके अलावा पुलिस उसके सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच कर रही है। बताया गया है कि वह किसान आंदोलन का समर्थक रहा है और उसने इससे जुड़े कई पोस्ट साझा किए थे।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे बड़े सवाल

दिल्ली विधानसभा में हुई यह घटना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक को सामने लाती है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद आरोपी कार लेकर अंदर कैसे पहुंच गया और किन स्तरों पर लापरवाही हुई।

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