अब नितिन गडकरी की बारी! E20 Janata Party का गठन,4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान
नई दिल्ली। NEET-UG विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर उभरे छात्र आंदोलनों के बाद अब वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों ने भी अपनी मांगों को लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकजुट होना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में बने ‘E20 Janata Party’ नामक संगठन ने एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर देशभर में अभियान शुरू करने का दावा किया है। संगठन का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शुरुआत के कुछ ही घंटों में हजारों लोग इससे जुड़ चुके हैं।
4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान
संगठन का दावा है कि उसे दिल्ली की कई टैक्सी और ट्रांसपोर्ट यूनियनों का समर्थन मिला है। इसी के तहत 4 अगस्त को संसद तक मार्च निकालने की घोषणा की गई है। प्रदर्शन के जरिए सरकार तक वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों की मांगें पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
100% शुद्ध पेट्रोल का विकल्प देने की मांग
‘E20 Janata Party’ का कहना है कि उसका उद्देश्य एथनॉल मिश्रित पेट्रोल पर पूरी तरह रोक लगवाना नहीं है। संगठन की मांग है कि देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल खरीदने का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि लोग अपनी जरूरत और वाहन के अनुसार ईंधन का चयन कर सकें। इसके अलावा संगठन ने एथनॉल नीति को लेकर सवाल उठाते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग भी की है।
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पारदर्शिता और स्वतंत्र जांच की मांग
संगठन ने मांग की है कि पेट्रोल पंपों पर स्पष्ट रूप से यह लिखा जाए कि किस प्रकार का ईंधन बेचा जा रहा है और उसमें एथनॉल की कितनी मात्रा शामिल है। साथ ही सरकार एथनॉल मिश्रण से जुड़े आर्थिक लाभ, माइलेज, इंजन की कार्यक्षमता, प्रदूषण और रखरखाव लागत पर विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करे तथा इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।
E20 Janta Party is not a political party.
We are an independent citizens’ movement focused on raising issues that affect the common people. Our only agenda is to ensure transparency, protect consumer rights, and encourage an open public discussion on the real impact of India’s…
— E20 JANTA PARTY (@E20Party) July 26, 2026
ट्रांसपोर्टरों ने रखीं अपनी चिंताएं
संगठन का समर्थन कर रही कुछ ट्रांसपोर्ट यूनियनों का दावा है कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से कई वाहनों का माइलेज कम हुआ है और विशेष रूप से पुराने वाहनों में इंजन, फ्यूल पाइप तथा अन्य पुर्जों के रखरखाव का खर्च बढ़ा है। इन्हीं मुद्दों को लेकर संसद मार्च आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
सरकार का क्या है पक्ष?
वर्तमान में बाजार में उपलब्ध E20 पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल श्रेणी में है, जबकि बिना एथनॉल वाला 100 ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल सीमित पेट्रोल पंपों पर अधिक कीमत में उपलब्ध है। इस बीच संसद में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा था कि सरकार को एथनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने या वाहन प्रदर्शन में व्यापक गिरावट से संबंधित कोई पुष्ट शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
