सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद अमित बघेल जेल से रिहा, बाहर आते ही 2028 चुनाव को लेकर किया बड़ा दावा
रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल बुधवार रात रायपुर स्थित सेंट्रल जेल से रिहा हो गए। उनकी रिहाई के बाद समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। जेल के बाहर समर्थकों ने उनका स्वागत किया और पटाखे फोड़कर खुशी जताई।
रिहाई के बाद महापुरुषों को दी श्रद्धांजलि
करीब आठ महीने से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद बाहर आए अमित बघेल ने सबसे पहले महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर हाथ में लेकर समर्थकों का अभिवादन किया।
2028 चुनाव को लेकर किया दावा
मीडिया से बातचीत में अमित बघेल ने कहा कि वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ियावादी विचारधारा की सरकार बनेगी। उन्होंने अपनी रिहाई को न्याय की जीत बताते हुए समर्थकों का आभार भी व्यक्त किया।
क्या है बलौदाबाजार हिंसा मामला?
यह मामला 10 जून 2024 को बलौदाबाजार में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग दशहरा मैदान में एकत्र हुए थे। इसके बाद स्थिति हिंसक हो गई और भीड़ ने कथित रूप से बैरिकेड तोड़कर कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में प्रवेश किया।
घटना के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, कई वाहनों में आग लगाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप लगे। इस हिंसा में कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए थे। मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए कई लोगों को आरोपी बनाया था।
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अन्य मामलों में भी दर्ज हैं केस
अमित बघेल का नाम बाद में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा से जुड़े विवाद के दौरान दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर भी चर्चा में आया था। इस मामले में उनके खिलाफ रायपुर के कोतवाली और देवेंद्र नगर थाने में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थी। इस बयान के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदेश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी किए थे।
समर्थकों में उत्साह
रिहाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक सेंट्रल जेल के बाहर पहुंच गए। अमित बघेल के बाहर आने पर उनका स्वागत किया गया और समर्थकों ने इसे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम बताया।
