राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर राहुल-खरगे का पीएम मोदी को पत्र, स्वतंत्र जांच और हिसाब सार्वजनिक करने की मांग

Ram Mandir donation case Rahul Gandhi letter

लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं ने कहा- करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़ा मामला गंभीर, ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग

 

 

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई से हो रही है। उससे पहले विपक्ष ने सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तेज कर दी है। इसी कड़ी में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले (Ram temple offering theft case) में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी को संयुक्त पत्र लिखा है।

 

प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल

दोनों नेताओं ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले में उनकी चुप्पी पर सवाल उठाया है। पत्र में कहा गया कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर है और इस तरह के गंभीर आरोपों के बावजूद प्रधानमंत्री की चुप्पी पूरी तरह अस्वीकार्य है।

 

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स्वतंत्र जांच और रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग

कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की स्वतंत्र और व्यापक जांच कराने तथा ट्रस्ट के सभी वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं के योगदान का उपयोग किस तरह किया गया।

 

पत्र में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि चंपत राय पर गंभीर सवाल उठे हैं और उनके प्रधानमंत्री के करीबी सहयोगी होने का भी जिक्र किया।

 

क्या कहा पत्र में?

पत्र में कहा गया कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जवाबदेही तय करे और देश के सामने सच्चाई रखे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट और ट्रस्ट के सभी खातों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि देश और दुनिया के करोड़ों राम भक्तों को यह जानकारी मिल सके कि उनके द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे का उपयोग कहां और किस उद्देश्य के लिए किया गया।

 

 

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