57,700 रुपये मासिक मानदेय की मांग को लेकर अतिथि व्याख्याताओं का प्रदर्शन, मंत्री से बातचीत नहीं बनी

अतिथि व्याख्याताओं का प्रदर्शन

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अतिथि व्याख्याताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के शंकर नगर स्थित सरकारी निवास का घेराव किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे व्याख्याताओं ने 57,700 रुपये एकमुश्त मासिक मानदेय, सेवा सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर सरकार से सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। हालांकि मंत्री के साथ हुई बातचीत किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।

250 से अधिक अतिथि व्याख्याता प्रदर्शन में शामिल

जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे प्रदेशभर से आए लगभग 250 से 300 अतिथि व्याख्याता मंत्री आवास पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

ये हैं प्रमुख मांगें

अतिथि व्याख्याताओं ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से—

57,700 रुपये का एकमुश्त मासिक मानदेय
सेवा सुरक्षा
12 माह का कार्यकाल
13 वार्षिक आकस्मिक अवकाश (CL)
सम्मानजनक पदनाम
नीति-2024 में आवश्यक संशोधन

शामिल हैं।

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वार्ता पर प्रतिनिधिमंडल का दावा

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि बैठक के दौरान उन्होंने मासिक मानदेय की मांग प्रमुखता से रखी, जबकि मंत्री की ओर से प्रतिदिन के आधार पर मानदेय संबंधी प्रस्ताव का उल्लेख किया गया। प्रतिनिधियों का दावा है कि उनकी मुख्य मांग पर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला और बातचीत बिना किसी ठोस निर्णय के समाप्त हो गई।

मंत्री आवास के बाहर जारी रहा प्रदर्शन

बैठक के बाद प्रदर्शनकारी मंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से बैठे रहे और नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अतिथि व्याख्याताओं के अधिकारों और उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर है।

‘हम अतिथि व्याख्याता हैं, दिहाड़ी मजदूर नहीं’

प्रतिनिधिमंडल के सदस्य लव कुमार वर्मा ने कहा कि यदि भुगतान प्रतिदिन के आधार पर किया जाएगा तो अतिथि व्याख्याताओं की स्थिति दिहाड़ी श्रमिकों जैसी हो जाएगी। उन्होंने दोहराया कि उनकी मुख्य मांग 57,700 रुपये का एकमुश्त मासिक मानदेय और सवैतनिक अवकाश है। उनका कहना है कि जब तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

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