“मैं हर दरवाजे पर जाऊंगा.. शीश नवाऊंगा और आशुतोष को जिताऊंगा” भाषण देते हुए मंच पर ही रो पड़े नरोत्तम मिश्रा 

भाजपा की चुनावी सभा में पूर्व गृह मंत्री की आंखें हुईं नम, टिकट नहीं मिलने के बाद पहली बड़ी जनसभा में दिया भावुक संदेश

 

 

दतिया (मध्य प्रदेश)। भाजपा की चुनावी सभा में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा अचानक भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया। मंच पर आंसू पोंछते हुए उन्होंने जनता से आशुतोष तिवारी को भारी मतों से जिताने की अपील की।

 

सभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत कई बड़े नेता मौजूद थे। नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “दतिया के मालिकों, मैं आपके हर दरवाजे पर जाऊंगा, शीश नवाऊंगा और गांव-गांव जाकर आशुतोष तिवारी को जिताऊंगा।” इसके बाद वे अपनी सीट पर चले गए। माहौल भावुक हो गया।

 

टिकट कटने का दर्द?

दरअसल, यह सभा भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन के बाद आयोजित की गई थी। नरोत्तम मिश्रा को टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी ने आशुतोष तिवारी का नाम तय किया। टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों ने भारी विरोध किया।

 

समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर 12 घंटे तक जाम लगा दिया। पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस को आंसू गैस छोड़नी पड़ी। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

 

मिश्रा ने पार्टी फैसला स्वीकार किया

नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात की। फिर दिल्ली जाकर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिले। उन्होंने बार-बार कहा कि पार्टी का फैसला स्वीकार है और वे आशुतोष तिवारी के लिए प्रचार करेंगे।

 

लेकिन सभा में उनके आंसू देखकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे टिकट कटने के दर्द से जोड़ रहे हैं।

 

उपचुनाव की डेट और उम्मीदवार

मतदान: 30 जुलाई 2026

मतगणना: 3 अगस्त 2026

 

कांग्रेस उम्मीदवार: घनश्याम सिंह (पूर्व विधायक)

भाजपा उम्मीदवार: आशुतोष तिवारी

 

यह सीट कांग्रेस के राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के बाद खाली हुई है।

 

 क्या कहते हैं जानकार?

भाजपा के अंदर यह घटना पार्टी की एकजुटता की परीक्षा बन गई है। नरोत्तम मिश्रा बुंदेलखंड क्षेत्र में मजबूत नेता माने जाते हैं। उनके समर्थकों की नाराजगी अगर बनी रही तो पार्टी को नुकसान हो सकता है।

 

दूसरी तरफ कांग्रेस इसे भाजपा की आंतरिक कलह बताकर फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। शिवसेना (UBT) ने भी नरोत्तम मिश्रा को ऑफर दिया है, जिससे सियासी घमासान और बढ़ गया है।

 

 अब आगे क्या?

भाजपा नेतृत्व अब मिश्रा समर्थकों को मनाने और पूरे संगठन को एकजुट करने में लगा है। नरोत्तम मिश्रा के प्रचार अभियान पर सबकी नजर है। अगर वे पूरी ताकत से मैदान में उतरे तो भाजपा की जीत आसान हो सकती है।

 

दतिया का यह उपचुनाव सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और नेताओं की वफादारी का टेस्ट भी है। 30 जुलाई को जनता फैसला करेगी।

 

Update: कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने नरोत्तम मिश्रा के प्रति समर्थन जताया। सभा बाद में अन्य नेताओं के भाषण के साथ जारी रही।

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