PM आवास योजना की सूची में बड़ा खेल! आलीशान मकानों वालों के नाम भी शामिल

PM आवास

रायपुर: प्रधानमंत्री आवास प्लस 2.0 योजना की लाभार्थी सूची जारी होने के बाद रायपुर जिले में विवाद गहराता जा रहा है। कई गांवों से शिकायतें सामने आई हैं कि सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल कर दिए गए हैं, जो योजना की पात्रता पूरी नहीं करते, जबकि कई जरूरतमंद परिवार लाभार्थियों की सूची से बाहर रह गए हैं। दावा-आपत्तियों के दौरान मिली शिकायतों ने योजना की चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दावा-आपत्तियों में सामने आईं कई अनियमितताएं

योजना की सूची सार्वजनिक होने के बाद जनपद पंचायतों में निर्धारित अवधि तक दावा और आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई कि पात्र हितग्राहियों के नाम शामिल नहीं किए गए, जबकि अपात्र लोगों को सूची में जगह मिल गई। अब इन शिकायतों की जांच प्रशासन स्तर पर की जा रही है।

आलीशान मकान और जमीन वाले परिवार भी सूची में होने का आरोप

आरंग विकासखंड के भानसोज और रसनी समेत कई गांवों में ऐसे मामलों की शिकायत मिली है, जहां पक्का मकान और पर्याप्त कृषि भूमि रखने वाले परिवारों के नाम भी लाभार्थी सूची में दर्ज पाए गए। एक मामले में शिकायत मिलने के बाद नाम हटाने की कार्रवाई भी की गई, जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल और तेज हो गए हैं।

जियो टैगिंग और ग्राम सभा के बाद भी कैसे हुई चूक?

योजना के तहत आवास मित्रों द्वारा जियो टैगिंग के माध्यम से सर्वे किया गया था। इसके बाद विशेष ग्राम सभाओं में लाभार्थियों की सूची का सत्यापन कराया गया और ग्रामीणों से आपत्तियां भी मांगी गईं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने से सर्वेक्षण और सत्यापन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

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जिला पंचायत की बैठक में गूंज सकता है मामला

जिला पंचायत की सामान्य सभा की आगामी बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा और हंगामे की संभावना जताई जा रही है। कई जनप्रतिनिधियों ने पहले ही सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर नाराजगी जताई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा है कि दावा-आपत्तियों के आधार पर प्राप्त सभी शिकायतों की जांच की जा रही है। यदि जांच में कोई व्यक्ति अपात्र पाया जाता है तो उसका नाम सूची से हटाया जाएगा और योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र परिवारों को ही मिलेगा।

जनप्रतिनिधियों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

जिला पंचायत के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कई वास्तविक जरूरतमंद परिवार आज भी योजना के लाभ से वंचित हैं, जबकि कुछ अपात्र लोगों के नाम सूची में शामिल हो गए। उनका मानना है कि पूरे सर्वे और चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।

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