MP के अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत, 90% ई-अटेंडेंस में कमी पर अब ईमेल से कर सकेंगे आवेदन, DEO समिति लेगी अंतिम फैसला

MP guest teachers e-attendance relief

8 हजार शिक्षकों की अटेंडेंस हुई कम, तीन सदस्यीय समिति 6 आधारों पर करेगी जांच, आवेदन ईमेल से भेज सकेंगे

 

 

भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों के लिए एक जरूरी और राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश में 90 फीसदी ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता के चलते जिन हजारों अतिथि शिक्षकों की री-ज्वाइनिंग अटक गई थी और जो बाहर होने की कगार पर थे, उनके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक विशेष समिति का गठन किया है।

 

8 हजार अतिथि शिक्षकों की अटेंडेंस कम, अब ईमेल से करेंगे आवेदन

आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में इस समय करीब 70 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से लगभग 8 हजार अतिथि शिक्षक ऐसे हैं, जो अलग-अलग पारिवारिक, चिकित्सीय या तकनीकी कारणों की वजह से अपनी 90 फीसदी अटेंडेंस पूरी नहीं कर पाए थे।

 

नए आदेश के मुताबिक अब ऐसे परेशान अतिथि शिक्षक अपनी री-ज्वाइनिंग के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में ईमेल के माध्यम से अपना आवेदन और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेंगे।

 

 

MP guest teachers e-attendance relief

 

 

DEO की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय समिति लेगी अंतिम फैसला

अतिथि शिक्षकों से प्राप्त आवेदनों की निष्पक्ष जांच के लिए हर जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह कमेटी प्राप्त आवेदनों और उनके साथ लगाए गए दस्तावेजों का कड़ाई से परीक्षण करेगी और नियमानुसार री-ज्वाइनिंग पर फैसला लेगी।

 

कमेटी इन 6 आधारों पर देगी राहत

कमेटी मुख्य रूप से निम्नलिखित 6 जायज आधारों पर विचार कर राहत प्रदान करेगी:

 

1. मातृत्व व चाइल्ड केयर: महिला अतिथि शिक्षक का मातृत्व अवकाश अथवा चाइल्ड केयर संबंधी कोई कारण रहा हो।

 

2. परीक्षाएं: अतिथि शिक्षक का किसी प्रतियोगी या शैक्षणिक परीक्षा में सम्मिलित होना।

 

3. तकनीकी दिक्कतें: ग्रामीण या दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क की अनुपलब्धता अथवा ई-अटेंडेंस पोर्टल से जुड़ी कोई तकनीकी समस्या।

 

4. गंभीर बीमारी: अतिथि शिक्षक के खुद के गंभीर रूप से बीमार होने की स्थिति।

 

5. विवाह: अतिथि शिक्षक के खुद के विवाह (शादी) के कारण स्कूल में उपस्थित न हो पाना।

 

6. आकस्मिक मृत्यु: परिवार में किसी सदस्य की आकस्मिक मृत्यु होने के कारण अनुपस्थिति।

 

सरकार के इस कदम से उन हजारों अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो वाजिब कारणों के बावजूद पोर्टल पर उपस्थिति कम होने से बेरोजगारी के संकट से जूझ रहे थे।

 

 

Read more- 

मध्यप्रदेश में गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री पर विवाद, हिंदू संगठनों ने बनाए नए नियम

 

 

Youthwings